ताइवान पर हमले की तैयारी में है चीन

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने ताइवान पर हमले की तैयारी कर रही है. यदि ऐसा होता है, तो कोरोना संकट के बीच दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध का सामना करना पड़ सकता है. चीन की सेना बड़े पैमाने पर युद्ध अभ्यास कर रही है. हाल ही में इस अभ्यास की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनसे पता चलता है कि ड्रैगन खासतौर पर ताइवान को ध्यान में रखते हुए अपनी सेना को तैयार कर रहा है.

चीन पहले भी धमकी दे चुका है कि यदि ताइवान ने आजादी की बात कही तो उसे आक्रमण झेलना होगा. खबर के अनुसार, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी असाल्ट लैंडिंग और आइलैंड-कंट्रोल जैसे अभ्यासों में जुटी है. इसके अलावा, रॉकेट लॉन्चर सहित घातक हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

सीधे शब्दों में कहें तो बीजिंग ताइवान पर आक्रमण की तैयारी में है. वह किसी भी समय अपने मंसूबों को अंजाम दे सकता है. ऐसी स्थिति में अमेरिका (America) और बाकी पश्चिम देश ताइवान की मदद करने को विवश हो जाएंगे और दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध का सामना करना पड़ेगा.

चीनी स्टेट मीडिया ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि युद्ध अभ्यास ताइवान को ध्यान में रखते हुए किया गया है. सैनिकों को इस लिहाज से ट्रेनिंग दी गई है कि अगर ताइवान से विद्रोह के स्वर सुनाई देते हैं, तो उसे कैसे कब्जे में लेना है.

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पहले भी इस तरह के युद्ध अभ्यास करती रही है, लेकिन मौजूदा स्थिति में उसका यह कदम दुनिया की टेंशन बढ़ाने वाला है. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, चीन ने इस साल के पहले छह महीनों में ही कम से कम 20 नौसैनिक अभ्यास किए हैं, जबकि पिछले साल ऐसे 13 अभ्यास किए गए थे.

युद्ध अभ्यास की तस्वीरों के सामने आने से ठीक एक महीने पहले चीन ने ताइवान पर आक्रमण की धमकी दी थी. चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि यदि ताइवान आजादी की बात करता है तो उसे युद्ध का सामना करना होगा.

इस बीच, अमेरिका द्वारा Taiwan Straits के माध्यम से युद्धपोत भेजने और इस सप्ताह दक्षिण चीन सागर में अभ्यास करने के बाद से तनाव और बढ़ रहा है. ग्लोबल टाइम्स यूएस के इस कदम को चीन को राजनीतिक और सैन्य रूप से नियंत्रित करने के प्रयास के रूप में देख रहा है.

चीनी आर्मी के सीनियर कर्नल शी यी ने गुरुवार को कहा कि पीएलए ईस्टर्न थिएटर कमांड ने यूएसएस बेनफोल्ड गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर के कोर्स को ट्रैक और मॉनिटर किया है. अमेरिका की उकसावे वाली कार्रवाई से पता चलता है कि वो शांति और स्थिरता का सबसे बड़ा विध्वंसक है. वो खुद ही Taiwan Straits की सुरक्षा को जोखिम में डाल रहा है.

वहीं, चीनी सैन्य विशेषज्ञ सोंग झोंगपिंग का कहना है कि अमेरिका इस क्षेत्र में चीन की सैन्य शक्ति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है. इस सप्ताह की शुरुआत में ब्रिटेन के जहाजों के दक्षिण चीन सागर पहुंचने को भी चीन खतरे के रूप में देख रहा है.

सैन्य विशेषज्ञ सोंग झोंगपिंग का कहना है कि अमेरिकी युद्धपोत ब्रिटेन के जहाजों को चीन को भड़काने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, लेकिन पीएलए अमेरिका और ब्रिटेन की सेना से भी ज्यादा मजबूत है. चीन किसी भी स्थिति में दोनों देशों पर भारी पड़ सकता है.

वहीं, एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस तरह से पिछले कुछ वक्त में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा है, उससे आने वाला समय मुश्किल भरा हो सकता है. अगर चीन अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए ताइवान पर हमला बोलता है, तो तीसरा विश्व युद्ध तय है.

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