अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को अरेस्ट कर लिया गया है। उन पर गैंगरेप का आरोप है। लखनऊ जोन के पुलिस महानिरीक्षक ए. सतीश गणेश ने बताया कि सामूहिक बलात्कार के मामले में प्रजापति के साथ अभियुक्त बनाये गये अमरेन्द्र उर्फ पिंटू, रूपेश्वर तथा विकास वर्मा को गिरफ्तार किया गया है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन तीनों अभियुक्तों को लखनउ के हजरतगंज इलाके से गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में अब तक अशोक तिवारी, आशीष शुक्ला, प्रजापति के गनर चंद्रपाल तथा आज पकड़े गये तीन अन्य समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
अब सिर्फ प्रजापति की ही गिरफ्तारी होना बाकी है. पुलिस और एसटीएफ उन्हें तलाश कर रही हैं.इस बीच, लखनऊ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी ने बताया कि प्रजापति की लखनऊ स्थित दो संपत्तियों तथा अमेठी की एक सम्पत्ति को कुर्क करने की तैयारी की जा रही है.
मालूम हो कि प्रजापति तथा उनके छह अन्य साथियों पर एक महिला से सामूहिक बलात्कार और उसकी बेटी से छेड़खानी के आरोप में सुप्रीम कोर्ट के गत 17 फरवरी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया था. प्रजापति के विदेश भागने की आशंका के मद्देनजर उनके पासपोर्ट को चार हफ्तों के लिये निलंबित कर दिया गया था. विधानसभा चुनाव के दौरान यह मामला उठने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इशारों में प्रजापति को आत्मसमर्पण करने को कहा था.