महाराष्ट्र में ओलावृष्टि से 1.25 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद

महाराष्ट्र में हुई ओलावृष्टि से 11 जिलों में 1.25 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में लगी फसल को नुकसान पहुंचा है. नुकसान के शुरुआती आकलन रिपोर्ट में बताया गया कि 11 जिलों में 1,086 गांवों में 1.25 लाख हेक्टेयर से ज्यादा की फसल को नुकसान पहुंचा. बुल्दाना, अमरावती एवं जालना तीनों जिले में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है.

मंत्री ने कहा गेहूं, चना, ज्वार और प्याज की रबी फसल और अंगूर को नुकसान पहुंचा है.प्रभावित हुए 11 जिलों में बीड़, जालना, परभनी, जलगांव, बुल्दाना, अमरावती, अकोला, वाशिम, लातूर, उस्मानाबाद और हिंगोली शामिल हैं.उन्होंने कहा कि फसल को पहुंचने नुकसान का आकलन दो और दिन किया जाएगा और उसके बाद किसानों को सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा.

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ इलाके में रविवार को हुई बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि में दो लोगों की मौत हो गई और खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा. प्रदेश के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, जालना, बीड, अमरावती, बुल्धाना, वाशिम, अकोला और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि से गेहूं, अंगूर, चना और आम की फसलों को जबर्दस्त क्षति पहुंची है.

कुछ जगहों पर टेनिस की गेंद के आकार के ओले पड़े, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई.मृतकों की पहचान वाशिम के यमुना हुमबड़ और जालना के नामदेव शिंदे (70)के रूप में हुई है.  वाशिम में दो लोग घायल भी हुए हैं. महाराष्ट्र सरकार ने इस प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद सक्रियता दिखाई और राज्य के कृषि मंत्री ने सभी किसानों को उनकी तबाह हुई फसलों के लिए मुआवजा देने की घोषणा की. 

उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों से सोमवार को इस संबंध में बैठकें होने वाली है. विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल (कांग्रेस) और धनंजय मुंडे (एनसीपी) ने सरकार से सर्वेक्षण करवाकर किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है. विपक्ष ने सरकार से मार्च होने वाले बजट सत्र के पूर्व मुआवजा देने को कहा है. पुणे स्थित भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम पूर्वानुमान के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को बेमौसम बारिश होने की चेतावनी दी थी. 

Check Also

आरबीआई ने सभी क्रेडिट सूचना कंपनियों को दिया एक आंतरिक लोकपाल नियुक्त करने का निर्देश

आरबीआई ने सभी क्रेडिट सूचना कंपनियों को 1 अप्रैल, 2023 तक एक आंतरिक लोकपाल नियुक्त करने …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *