आतंकियों की बढ़ती घटनाओं के चलते कश्मीर में तैनात होंगे ब्लैक कैट कमांडो : राजनाथ सिंह

कश्मीर में नेशनल सिक्युरिटी गार्ड (एनएसजी) के ब्लैक कैट कमांडो की तैनाती जल्द की जाएगी। ये कमांडो आतंकियों के साथ एनकाउंटर और बंधक जैसे हालातों में सुरक्षा बलों की मदद करेंगे। गृह मंत्रालय एक प्रस्ताव का विचार कर रही है, जिसमें एनएसजी के एक दस्ते को घाटी में आर्मी, सीआरपीएफ और राज्य की पुलिस के साथ तैनात करने की बात कही गई है।

गृह मंत्रालय के एक अफसर ने नाम जाहिर ना करने की शर्त पर न्यूज एजेंसी को बताया हम कश्मीर में एनएसजी तैनात करने पर िवचार कर रहे हैं। कमांडो आतंकियों से निपटने और बंधक जैसे हालातों से निपटने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। हम इस पर विचार कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजी एसपी वैद्य ने हाल में ही कहा था कि हम इस तरह के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं और हमें इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है।अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो ये पहली बार नहीं होगा कि घाटी में एनएसजी तैनात की गई हो। पहले ङी ब्लैक कैट कमांडो जम्मू-कश्मीर में तैनात किए जा चुके हैं।

अफसर ने कहा कि आतंकी घरों में छिपे हों, किसी को बंधक बनाया गया हो. ऐसे हालात में ब्लैक कैट कमांडो की स्किल्स निर्णायक हो सकती हैं।राजनाथ सिंह ने भी तेलंगाना में एनएसजी के एक कार्यक्रम के दौरान कहा था सरकार ऐसी योजना बना रही है ताकि इन कमांडो का रोल बढ़ाया जा सके।

कहीं आतंकी हमला हो, या आतंकी किसी को ह्यूमन शील्ड की तरह इस्तेमाल करें और रिहायशी इलाकों में घुसें। इन हालात में कमांडो बड़ा किरदार अदा कर सकते हैं।एक अफसर ने कहा एनएसजी कमांडो तैनात करने का कदम इसलिए उठाया जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में भीड़भाड़ वाले इलाकों में और मकानों में आतंकियों से एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबलों के कई जवान शहीद हुए हैं।

एनएसजी की मौजूदगी से इन हालात में सुरक्षा बलों को मजबूती मिलेगी और उनकी क्षमताओं को परखने का मौका भी।एनएसजी टीम आमतौर पर 5 कमांडों के साथ काम करती है। ये एमपी5 सब-मशीनगन, स्नाइपर राइफल, अत्याधुनिक राडार और सी-4 एक्स्प्लोसिव से लैस होते हैं।1984 में अमृतसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद एनएसजी की स्थापना की गई थी।

मौजूद समय में एनएसजी में 7,500 कमांडो काम कर रहे हैं।2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले, 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के दौरान ब्लैक कैट को तैनात किया गया था। गुजरात के अक्षरधाम मंदिर में हमला करने वाले आतंकियों के सफाए का जिम्मा भी इन्हीं ब्लैक कैट कमांडो के सौंपा गया था।

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