भारतीय विज्ञापन मानक परिषद का पतंजलि प्रोडक्ट पर साधा निशाना

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रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (ASCI) ने झटका दिया है। परिषद ने कंपनी के दो ब्रांड केश कांति तेल और दंत कांति टूथपेस्ट के एड (विज्ञापन) को गुमराह करने वाला बताया है और कहा कि इनके एड में किए जा रहे दावों की पुष्टि नहीं हो सकती है।पतंजलि आयुर्वेदिक के एड में इसे दुनिया का नंबर वन ब्रांड बताया जाता है। साथ ही इसकी बिक्री से होने वाले फायदे को 100 फीसदी दान कहा जाता है। इन दोनों दावों की पुष्टि नहीं की जा सकती है।

कंपनी टूथपेस्ट को दुनिया का नंबर वन ब्रांड बताती है और इसमें अकरकारा, टुंबरू, बबूल, वज्रदंति, मजुफल, नीम, विदांग, हल्दी, क्लोव, पुदीना, पिपली, बकुल और पीलू जैसी चीजें होने का दावा किया जाता है। लेकिन इन दावों की पुष्टि नहीं होती है। इसलिए ऐसा कहना कंज्यूमर्स को गुमराह करना है।पतंजलि प्रोडक्ट्स के खिलाफ मुस्लिम ऑर्गनाइजेशन तमिलनाडु तौहीद जमात (TNTJ) ने मंगलवार को फतवा जारी किया।

इसमें कहा गया है कि पतंजलि के प्रोडक्ट्स में गोमूत्र का इस्तेमाल हो रहा है और गोमूत्र को इस्लाम में हराम माना जाता है।TNTJ ने पतंजलि के कॉस्मेटिक्स, मेडिसिन और कई फूड प्रोडक्ट्स के खिलाफ फतवा जारी किया है।प्रेस रिलीज में कहा है कि सभी मुस्लिमों को पतंजलि प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचना चाहिए। जानकारी नहीं होने के चलते कई लोग इनका यूज कर रहे हैं।

पतंजलि आयुर्वेद साबुन, शैम्पू, पेस्ट, मंजन, स्किन क्रीम, बिस्किट, घी, जूस, शहद, आटा, कुकिंग ऑयल, मसाला, शुगर, आटा नूडल्स जैसे 350 प्रोडक्ट बनाता है।2015 में करीब 2000 करोड़ रुपए की कमाई करने वाली पतंजलि FMCG सेक्टर में बड़ी कंपनियों को टक्कर देने के लिए तैयार है। इस साल कंपनी का रेवेन्यू 67 पर्सेंट बढ़ा है। 

पतंजलि ने कमाई के मामले में कई लिस्टेड एफएमसीजी कंपनियों, जैसे इमामी, प्रॉक्टर एंड गैम्बल और ज्योति लैब्स को पीछे छोड़ दिया है। पतंजलि आयुर्वेद ने अगले कुछ सालों में 5000 से 10000 करोड़ रुपए कमाई का टारगेट रखा है।देश में पतंजलि के करीब 4000 स्टोर हैं।

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