क्या आप जानते है छुआरा एक दवाई है

घी, 500 ग्राम शक्कर और 2 लीटर गाय का दूध। दूध में छुहारों को कोमल होने तक उबालें, फिर निकालकर बारीक पीस लें और फिर उसी दूध में हल्की आग पर खोवा बनने तक तक पकाएं। अब घी को आग पर गर्म करके गेहूं का आटा डालकर गुलाबी होने तक धीमी आग में सेंक लें, इसके बाद उसमें चने का चूर्ण और खोवा डालकर फिर धीमी आग पर गुलाबी होने तक भूने। जब सुगंध आने लगे तो इसमें शक्कर डालकर खूब अच्छी तरह मिलाएं। हलवा तैयार हो गया। इसमें और सारी चीजों को डालकर रखें। इसे 50-60 मिलीलीटर की मात्रा में गाय के गर्म दूध के साथ रोजाना 1 बार सेवन करने से कमजोरी मिट जाती है।

* फालिस फेसियल परालिसिस: दूध में भिगोकर छुहारा खाने से लकवे के रोग में लाभ प्राप्त होता है। एक बार में 4 से अधिक छुहारे नहीं खाने चाहिए।

* छुहारे की गुठली और ऊंटकटोरे की जड़ की छाल का चूर्ण खाने से अग्निमान्द्यता (भूख का न लगना) में आराम मिलता है।

* गुठली निकालकर छुहारे के टुकड़े दिन में 8-10 बार चूसें। कम से कम 6 महीने तक इसका सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है।

* पथरी, लकवा, पीठदर्द: पथरी, लकवा, पीठदर्द में छुहारा सेवन करना लाभदायक होता है।

*  छुहारे में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। कैल्शियम की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग जैसे हडि्डयों की कमजोरी, दांतों का गलना आदि छुहारा खाने से ठीक हो जाते हैं।

Check Also

Health Benefits of Soaking Almonds in Water Before Eating । बादाम को भिगोकर खाने के 5 स्वास्थ्य वर्धक फायदे जाने

Health Benefits of Soaking Almonds in Water Before Eating :- बादाम भिगोकर खाने से बहुत …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *