मालदीव में भारतीय मूल के 2 जर्नलिस्ट को अरेस्ट किया गया

मालदीव में भारतीय मूल के 2 जर्नलिस्ट को अरेस्ट किया गया। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पंजाब के मोनी शर्मा और लंदन के आतिश रावजी पटेल न्यूज एजेंसी एएफपी के जर्नलिस्ट हैं। इन्हें नेशनल सिक्युरिटी पर्पस कानून के तहत अरेस्ट किया गया है। मालदीव की पार्लियामेंट के मेंबर अली जाहिर ने कहा अब हमारे यहां प्रेस की आजादी नहीं है।

पिछली रात लीडिंग न्यूज चैनल को बंद कर दिया गया। हम मांग करते हैं कि जल्द से जल्द लोकतंत्र और कानून को बहाल किया जाए। बता दें कि मालदीव की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रेसिडेंट मो. नशीद समेत 9 निर्वासित नेताओं की रिहाई के आदेश दिए थे। मौजूदा प्रेसिडेंट अब्दुल्ला यामीन ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया और इमरजेंसी लगा दी।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें मालदीव में भारतीय मोनी शर्मा को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है। वे वहां पर जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे थे। हमने मालदीव में अपने दूतावास से इस मामले की और ज्यादा जानकारी हासिल करने को कहा है। हमने उनसे लोकल अथॉरिटीज के संपर्क में रहने को भी कहा है।

चीन के एक ऑफिशियल ने शुक्रवार को कहा मालदीव हमारे और भारत के बीच विवाद का मुद्दा नहीं बनेगा। हम ये नहीं चाहते हैं कि मालदीव की समस्या चीन और भारत के बीच समस्या बन जाए। ऑफिशियल ने न्यूज एजेंसी को बताया कि हम इस मसले पर लगातार भारत के संपर्क में हैं।चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन गेंग शुआंग ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मालदीव की आजादी और संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।

जब शुआंग से सवाल पूछा गया कि इंडिया की स्पेशल फोर्सेस मालदीव से भारतीयों को निकालने के लिए तैयार हैं तो शुआंग ने कहा दूसरे देशों में दखल ना देना अंतरराष्ट्रीय संबंधों का प्रमुख सिद्धांत है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मालदीव की इच्छाओं का सम्मान करना चाहिए। इसके विकास और स्थायित्व में रचनात्मक किरदार निभाना चाहिए, ना कि इसका उल्टा करना चाहिए। हम इस मसले पर भारत के साथ लगातार संपर्क में हैं।

मालदीव के पूर्व प्रेसिडेंट ने भारत से दखल की अपील की थी। जिसके बाद चीन ने कहा कि मालदीव में किसी भी तरह का दखल हालात को और बिगाड़ेगा।नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प ने फोन पर बात की। व्हाइट हाउस ने इस बात की जानकारी दी है। दोनों नेताओं ने मालदीव के राजनीतिक हालात समेत अफगानिस्तान और इंडो-पैसिफिक रीजन में सिक्युरिटी पर चर्चा हुई।

दोनों नेताओं ने मालदीव में चल रहे राजनीतिक संकट के मुद्दे पर बात की। दोनों नेताओं का मानना है कि मालदीव में कानून का शासन और लोकतांत्रिक व्यवस्था लागू होना चाहिए।सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद समेत 9 लोगों के खिलाफ दायर एक मामले को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने इन नेताओं की रिहाई के आदेश भी दिए थे।

मालदीव के मौजूदा प्रेसिडेंट अब्दुल्ला यामीन ने 15 दिन की इमरजेंसी लगा दी और चीफ जस्टिस को अरेस्ट करवा दिया। यामीन ने गिरफ्तारी पर सफाई दी कि चीफ जस्टिस उनके खिलाफ साजिश रच रहे थे और जांच के लिए इमरजेंसी लगाई गई है। बता दें कि अब्दुल्ला यामीन चीन के करीबी माने जाते हैं।

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