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पाकिस्तान के खिलाफ 48 घंटे में कड़े फैसले ले सकता है अमेरिका

अमेरिकी एम्बेसडर निकी हेली ने पाकिस्तान को 1626 करोड़ रुपए की अमेरिकी मिलिट्री एड रोके जाने की पुष्टि की है। इसके कुछ घंटे बाद ही व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया- अगले 24 से 48 घंटे में हम आपको इस मामले में कुछ और बड़े अपडेट देंगे।’ इसके मायने साफ हैं कि अमेरिका पाकिस्तान के खिलाफ अब और भी कड़े कदम उठा सकता है।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने 1 जनवरी को कहा था कि पाकिस्तान अमेरिका से 15 साल में 33 बिलियन डॉलर (इंडियन करंसी के हिसाब से करीब 2.14 लाख करोड़ रुपए) लेकर भी उसे बेवकूफ बना रहा है। निकली हेली ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान कई साल से हमारे साथ डबल गेम खेल रहा था।

निकी हेली ने यह भी कहा- अमेरिकी मदद रोकने की साफ-सुथरी वजह है। पाकिस्तान ने कई साल से हमारे साथ डबल गेम खेला। उन्होंने हमारे साथ कभी-कभी काम तो किया लेकिन अफगानिस्तान में मारे सैनिकों को निशाना बनाने वाले आतंकियों को भी पनाह दी।निकी हेली के यूएन में दिए बयान के बाद व्हाइट हाउस की स्पोक्सपर्सन सराह सेंडर्स ने मीडिया से बात की।

सराह ने कहा- हम जानते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ बहुत कुछ कर सकता है। हम चाहते हैं कि अब वो सामने आए और ये करके दिखाए।सेंडर्स ने कहा पहली बात, जहां तक पाकिस्तान का सवाल है तो हम चाहते हैं कि उसे आतंकवाद रोकने के लिए ज्यादा कदम उठाने पड़ेंगे। हम चाहते हैं कि वो ये काम करे।

जहां तक कुछ खास कदमों की बात है तो हम आपको (मीडिया को) अगले 24 से 48 घंटे में इस बारे में अपडेट देंगे। इस मामले में आपको सब बताएंगे।यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की स्पोक्सपर्सन हीदर न्यूरेट ने कहा- पाकिस्तान हमारा अहम पार्टनर रहा है। उस इलाके में हमारे क्या इश्यू हैं, इस बारे में पाकिस्तान सब जानता है। वो ये भी जानता है कि क्या किया जाना चाहिए।

प्रेसिडेंट ट्रम्प साउथ एशिया पॉलिसी के बारे में अगस्त में बता चुके हैं। पाकिस्तान को अपनी जमीन से आतंकवाद फैला रहे आतंकी संगठनों पर नतीजे देने वाली कार्रवाई करनी ही होगी।हीदर ने आगे कहा- हम पहले भी उन्हें फंड देते रहे हैं। अब आगे मदद लेने के लिए उन्हें ये साबित करना होगा कि वो आतंकवाद के खिलाफ सटीक नतीजे देने वाली कार्रवाई कर रहे हैं। सेक्रेटरी टिलरसन और सेक्रेटरी मैटिस उन्हें पाकिस्तान में ही ये बातें समझा चुके हैं।

साल 2018 के पहले ही दिन ट्रम्प ने पाकिस्तान को सख्त वॉर्निंग दी थी। एक ट्वीट में उन्होंने कहा था, “अमेरिका ने बेवकूफों की तरह पाकिस्तान को 15 साल के दौरान 33 बिलियन डॉलर ( करीब 2.14 लाख करोड़ रुपए) से ज्यादा की मदद की और उन्होंने हमें केवल झूठ और धोखा दिया। उन्होंने हमारे लीडर्स को बेवकूफ समझा। उन्होंने उन आतंकवादियों को पनाह दी, जिन्हें हम अफगानिस्तान में तलाश कर रहे थे। ये अब और नहीं।”

पाकिस्तान सरकार ने कहा- अफगानिस्तान में अपनी नाकामियों का ठीकरा अमेरिका पाकिस्तान पर ना फोड़े। पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बेमिसाल कुर्बानियां दी हैं। इसमें कोई शक नहीं है।PAK आर्मी के स्पोक्सपर्सन आसिफ गफूर ने कहा था पाकिस्तान को यूएस से जो मदद मिलती है, वो उस मदद का मुआवजा है, जो इस्लामाबाद अल कायदा के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में देता है।

बता दें कि अमेरिका 2002 से अब तक पाकिस्तान को आतंकवाद से लड़ने के लिए 33 अरब डॉलर (करीब 2.14 लाख करोड़ रुपए) की आर्थिक मदद दे चुका है।अमेरिका ने अगस्त में कहा था कि जब तक पाकिस्तान आतंकी गुटों पर कार्रवाई तेज नहीं करता, वह उसे दी जाने वाली 25.5 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद रोक कर रखेगा।

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