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नॉर्थ कोरिया से खुली बातचीत के लिए तैयार डोनाल्ड ट्रम्प

डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार नॉर्थ कोरिया से खुली बातचीत की बात कही है। ट्रम्प ने कहा कि हम नॉर्थ कोरिया से खुली बातचीत को तैयार हैं लेकिन ये बातचीत वक्त आने पर ही होगी। ट्रम्प ने ये भी कहा कि मैं नहीं जानता कि बातचीत से हमें क्या मिलेगा और आने वाले वक्त में इसके क्या नतीजे सामने आएंगे।

9 जनवरी को नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के बीच 2 साल बाद पहली बार बातचीत हुई। बातचीत का मुद्दा विंटर ओलिंपिक था। नॉर्थ कोरिया ने साफ किया वह विंटर ओलिंपिक में हिस्सा लेगा। वहीं ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन पहले ही कह चुका है कि विंटर ओलिंपिक होने तक साउथ कोरिया-अमेरिका मिलिट्री एक्सरसाइज नहीं करेंगे।

वहीं ट्रम्प ने कहा कि मैंने साउथ कोरिया के प्रेसिडेंट मून जे-इन से बात की थी। हम जो कर रहे हैं, उसके लिए मून ने शुक्रिया जताया। वे नॉर्थ कोरिया के साथ बातचीत जारी रखना चाहते हैं। अब देखना ये होगा कि ये सब कैसे हो पाता है।ट्रम्प ने ये भी कहा कि नॉर्थ कोरिया से बातचीत केवल एक देश (अमेरिका) ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद साबित होगी।

नॉर्थ कोरिया के साथ अमेरिका को काफी समस्याएं थी, उम्मीद है बातचीत से ये सब हल होगा।9 जनवरी को नॉर्थ कोरिया-साउथ कोरिया के बीच बातचीत हुई थी। साउथ कोरियाई प्रेसिडेंशियल ब्लू हाउस की तरफ से बयान दिया गया कि विंटर ओलिंपिक के बाद उम्मीद है कि अमेरिका-नॉर्थ कोरिया के बीच मुलाकात होगी।

उम्मीद है कि इससे कोरियाई पेनिनसुला में न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करने में मदद मिलेगी।नॉर्थ कोरिया ने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समस्याओं के सुलझाने के पक्ष में हैं। हालांकि हम न्यूक्लियर वेपन्स के बारे में बात नहीं करेंगे।7 जनवरी को ट्रम्प ने कहा था कि वे नॉर्थ कोरिया से बात करने के लिए तैयार हैं।

किम जोंग उन (नॉर्थ कोरियाई तानाशाह) जानता है कि घुमा-फिराकर बात करने में मेरा कोई भरोसा नहीं है। मेरा हमेशा से बातचीत में भरोसा रहा है और मैं ऐसा ही करूंगा। यकीन मानिए, ऐसा करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।उन्होंने ये भी कहा था कि बातचीत में कुछ शर्तें भी शामिल रहेंगी।

हाल ही में दोनों नेताओं के बीच न्यूक्लियर बटन को लेकर विवाद हुआ था। उन ने कहा था कि न्यूक्लियर बटन हमेशा मेरी टेबल पर रहता है। इस पर ट्रम्प ने कहा कि हमारा न्यूक्लियर बटन नॉर्थ कोरिया से बड़ा है और वह काम भी करता है। ट्रम्प पिछले साल लिटिल रॉकेट मैन कहकर उन की खिल्ली उड़ा चुके हैं।

बीते कुछ महीनों में नॉर्थ कोरिया इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) के 3 टेस्ट कर चुका है। तानाशाह उन कह चुका है कि उसकी ह्वासॉन्ग-12 मिसाइल अमेरिका के किसी भी शहर को निशाना बना सकती है।नॉर्थ कोरिया एक हाइड्रोजन बम समेत 6 न्यूक्लियर टेस्ट भी कर चुका है। 

दिसंबर में नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि अब सवाल ये नहीं है कि इस इलाके में न्यूक्लियर जंग होगी या नहीं, बल्कि अब सवाल ये है कि जंग कब होगी?विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन ने कहा हम जंग नहीं चाहते, लेकिन हम इससे छिप भी नहीं सकते। अगर अमेरिका ने हमारे सब्र का गलत मतलब निकाला और हमें न्यूक्लियर वॉर के लिए भड़काया तो हम अपनी बढ़ती न्यूक्लियर पावर से पक्का करेंगे कि अमेरिका इसकी कीमत चुकाए।

वहीं, नॉर्थ कोरिया को डराने के लिए अमेरिका कोरियाई पेनिनसुला के ऊपर से B-1B बॉम्बर्स उड़ा चुका है।1952-53 में साउथ कोरिया-नॉर्थ कोरिया के बीच जंग खत्म हुई थी। इसके बाद से ही साउथ कोरिया और अमेरिका साथ मिलकर नॉर्थ कोरिया के साथ एक कोल्ड वॉर छेड़े हुए हैं। दोनों देशों की मिलिट्री एक्सरसाइज करती हैं। इस कार्रवाई से नॉर्थ कोरिया भड़कता है।

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