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ऑस्ट्रेलिया ने पेनल्टी शूटआउट में भारत को 3-1 से हराया

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। उसने लगातार दूसरी और कुल 15वीं बार यह खिताब जीता है। फाइनल मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूट आउट में हुआ। फुल टाइम तक दोनों टीमों का स्कोर 1-1 से बराबर था। लेकिन पेनल्टी शूट आउट में ऑस्ट्रेलिया ने 3-1 से यह मुकाबला जीत लिया।

भारतीय टीम लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन इस बार भी उसे निराशा ही हाथ लगी। टूर्नामेंट का यह 37वां संस्करण है, लेकिन भारत एक बार भी चैम्पियन नहीं बन सका है। आज के मैच के बाद भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में दो बार उपविजेता, एक बार तीसरे (1982) और 7 बार (1983,1996, 2002, 2003, 2004, 2012, 2014) चौथे स्थान पर रहा है।

चैम्पियंस ट्रॉफी की शुरुआत 1978 में हुई थी।पेनल्टी शूट आउट में दोनों टीमों के लिए 5-5 मौके तय किए थे। पहला मौका ऑस्ट्रेलिया को मिला।ऑस्ट्रेलिया के एरन जालेवस्की ने भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश को चकमा देते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया।

सरदार सिंह ऑस्ट्रेलियाा के गोलकीपर टेलर लवल के किले को भेद नहीं सके और भारत 0-1 से पीछे हो गया।ऑस्ट्रेलिया के डेनियल बीएले ने अपनी टीम के लिए एक और गोल किया। ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे हो गया।हरमनप्रीत सिंह ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाने की काफी कोशिश की, लेकिन टेलर लवल फिर दीवार बन गए। भारत 0-2 से पीछे रहा।

पीआर श्रीजेश ने ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू स्वान की कोशिश को नाकाम कर दिया, लेकिन उनकी टीम अब भी मुकाबले में 0-2 से पीछे थी।
मनप्रीत सिंह ने टेलर लवल को छकाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। हालांकि अब भी वह 1-2 से पीछा था, लेकिन उसके पास बराबरी का मौका था।

श्रीजेश ऑस्ट्रेलिया के जेरेमी एडवर्ड्स के प्रयास को नाकाम नहीं कर पाए। नतीजा ऑस्ट्रेलिया 3-1 से आगे होने के साथ ही टूर्नामेंट का चैम्पियन भी बन गया।फुल टाइम में विवेक सागर प्रसाद के गोल से भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बराबरी हासिल की थी। 43वें मिनट में चिंगलेनसाना ने विवेक को पास दिया।

उन्होंने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। ऑस्ट्रेलिया की ओर से ब्लेक गोवर्स ने 24वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला था। इससे पहले भारत को 4 पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह एक भी गोल में बदलने में नाकाम रहा था।

भारत ने 7वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर रिव्यू के जरिए लिया। लेकिन वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बढ़त लेने में असफल रहा। अगले ही मिनट (8वें) उसे फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि मनदीप सिंह और वरुण कुमार इसे भी गोल में बदलने में सफल नहीं हुए।

इसके बाद भारत को 13वें मिनट में भी गोल करने का मौका मिला, जब सुनील सोमरपेट गेंद को लेकर बिल्कुल ऑस्ट्रेलिया के गोलपोस्ट तक पहुंच गए थे, लेकिन टेलर लवल उनकी कोशिश नाकाम कर दी। 18वें मिनट में भी भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन हरमनप्रीत सिंह ने शॉट लिया, लेकिन इस बार जेरेमी हेवर्ड ने उनके प्रयास पर पानी फेर दिया।

हाफटाइम के बाद 38वें मिनट में भारत ने फिर वीडियो रिव्यू लिया। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार भी नतीजा सिफर रहा। हाफटाइम तक भारत ने गोल के 3 और ऑस्ट्रेलिया ने 4 शॉट लिए। एक दूसरे के सर्किल में पहुंचने के मामले में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम आगे रही। भारत विपक्षी टीम के सर्किल में 10, जबकि ऑस्ट्रेलिया 11 बार पहुंचने में सफल रहा।

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