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बच्चों को साक्षर और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये छोड़ दी आराम की ज़िंदगी 

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 बच्चों को साक्षर और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये छोड़ दी आराम की ज़िंदगी 

वो शख्स चाहता तो जिंदगी में खूब पैसा कमा कर ऐशो आराम की जिंदगी भी जी सकता था, लेकिन हरियाणा के एक गांव में जन्म लेने वाले उस इंसान ने गरीबी को काफी करीबी से देखा था। उसका मानना था कि अगर महिलाओं और बच्चों पर ध्यान दिया जाये तो हालात बदल सकते हैं। इसलिए उसने महिलाओं के सशक्तिकरण और बच्चों के सामाजिक विकास पर काम करना शुरू किया।

दिनेश कुमार गौतम (Dinesh Kumar Gautam) नाम का ये शख्स आज अपनी संस्था ‘दृष्टि फाउंडेशन ट्रस्ट’ (Drishti Foundation Trust) के जरिये देश के सात राज्यों में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े काम कर रहा है। खास बात ये है कि इतने बड़े पैमाने पर काम करने वाले दिनेश ने कभी कोई सरकारी मदद नहीं ली।

“दृष्टि फाउंडेशन ट्रस्ट” (Drishti Foundation Trust)  के संस्थापक और समाजिक कार्यकर्ता  दिनेश कुमार गौतम ( Dinesh Kumar Gautam) की यात्रा काफी संघर्षपूर्ण रही है, लेकिन अपनी मेहनत और जज्बे के बूते उन्होंने मुश्किल हालात में भी संयम बनाए रखा और कठिन राह भी आसानी से पार कर ली।

जिंदगी में पैसे को उन्होंने कभी भी अहमियत नहीं दी और समाज के लिए काम करना ही उन्होंने अपनी जिंदगी का मुख्य लक्ष्य बनाया और पिछले कई वर्षों से वे इस कार्य में दिन-रात लगे हैं।

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