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सरकारी बंगले को क्षति पहुचाये जाने को लेकर बढ़ सकती हैं अखिलेश की मुश्किलें

सरकारी आवास खाली करने के दौरान की गई तोड़फोड़ अखिलेश यादव को भारी पड़ सकती है. अखिलेश यादव ने सरकारी बगंले को जिस हालत में छोड़ा, वो लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. अब राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथको पत्र लिखकर मामले को गंभीर बताया है. पत्र में राज्यपाल ने लिखा है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को जो बंगला आवंटित किया जाता है.

वो राज्य संपत्ति के कोटे में आता है और उसका रख-रखाव जनता के दिए जाने वाले टैक्स के पैसों से होता है. राज्यपाल ने योगी सरकार से इस मामले में नियम के मुताबिक कार्रवाई करने की बात कही है.राज्यपाल ने राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों को बुलाकर मामले की जानकारी भी ली.

अधिकारियों ने राज्यपाल को बताया कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवासों की वीडियोग्राफी कराई गई है.पत्र में कहा गया ये एक नितान्त अनुचित और गम्भीर मामला है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित किये गये शासकीय आवास राज्य सम्पत्ति के कोटे में आते हैं, जिनका निर्माण व रख-रखाव सामान्य नागरिकों द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के करों से होता है.

उन्होंने कहा कि राज्य सम्पत्ति को क्षति पहुंचाये जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा विधि अनुसार समुचित कार्रवाई की जाए.आपको बता दें कि शनिवार (9 जून) को 4, विक्रमादित्य मार्ग स्थित पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का सरकारी बंगला खोला गया, तो अंदर का हाल देखकर सभी दंग रह गए. कभी आलीशान महल की तरह दिखने वाला बंगला अंदर से उजड़ा हुआ मिला.

जिम एरिया, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, लॉन, फ्लोरिंग, वायरिंग लगभग सभी कुछ गायब था. अखिलेश ने दो जून को ही बंगला खाली कर दिया था लेकिन कुछ सामान रखा होने की बात कहकर तब चाबी राज्य सम्पत्ति विभाग को नहीं सौंपी थी. शुक्रवार (8 जून) की रात को अखिलेश और मुलायम सिंह यादव के बंगलों की चाबी राज्य संपत्ति विभाग को दे दी गई थी.

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