केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, धर्मेन्द्र प्रधान ने भरा राज्यसभा के लिए नामांकन

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, धर्मेन्द्र प्रधान और थावरचंद गहलोत उन प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं जिन्होंने 23 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनावों की खातिर विभिन्न राज्यों से नामांकन दाखिल किए. वित्त मंत्री अरुण जेटली गुजरात से ऊपरी सदन के सदस्य हैं और इस बार उत्तरप्रदेश से नामांकनपत्र दाखिल करने वाले 11 उम्मीदवारों में जेटली भी शामिल हैं.

केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला और भाजपा के मनसुख मांडविया ने गुजरात से नामांकनपत्र दाखिल किया.केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद इस बार फिर अपने गृह राज्य बिहार से उम्मीदवार हैं जबकि केंद्रीय पेट्रोलियमएवं प्राकृतिक गैस मंत्री प्रधान ने मध्यप्रदेश से नामांकन पत्र दाखिल किया है. प्रधान वर्तमान में बिहार से राज्यसभा सदस्य हैं.

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत नेमध्य प्रदेश से नामांकन पत्र दाखिल किया है. वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पश्चिम बंगाल से राज्य के सत्तारूढ़ दल टीएमसी के समर्थन से नामांकन पत्र दाखिल किया है. द्विवार्षिक चुनाव राज्यसभा की 58 सीटों के लिए हो रहे हैं और केरल की एक सीट के लिS उपचुनाव हो रहा है.

केरल में उपचुनाव जद यू सांसद एमपी वीरेन्द्र कुमार के इस्तीफे के कारण हो रहा है जिन्होंने पार्टी अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजग गठबंधन में शामिल होने के बाद पद छोड़ दिया था. वीरेन्द्र कुमार का कार्यकाल अप्रैल 2022 में खत्म होने वाला था. वीरेन्द्र कुमार ने अपना नामांकन पत्र निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर दाखिल किया जिनका समर्थन माकपा नीत एलडीएफ कर रहा है.

उत्तर प्रदेश में चुनाव दिलचस्प होने वाला है. यहां 10 सीटों के लिए 14 उम्मीदवार मैदान में हैं. सीधे जीत के लिए एक उम्मीदवार को प्रथम वरीयता वाले 37 मतों की जरूरत होगी और भाजपा आसानी से आठ सीटों पर जीत दर्ज करेगी. भाजपा के 11 उम्मीदवार मैदान में हैं और पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ को नामांकनपत्र वापस लेने के लिए कहा जा सकता है.

नामांकन पत्र दाखिल करने की आज अंतिम तारीख थी और 15 मार्च तक नामांकनपत्र वापस लिए जा सकते हैं.उधर, गुजरात कांग्रेस में इस दौरान अंदरूनी कलह भी देखने को मिली जब पार्टी नेता पीके वलेरा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकनपत्र दाखिल किया.

इतना ही नहीं गुजरात से राजीव शुक्ला को टिकट दिए जाने की उम्मीद थी लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला, लेकिन नामांकन भरने के आखिरी दिन अचानक ही उन्हें पार्टी आलाकमान ने पर्चा दाखिल करने का संदेश दिया. राजीव शुक्ला ने इसके लिए कोशिश भी बहुत की लेकिन समय कम होने के कारण वे गुजरात नहीं पहुंच सके. और इस तरह वे राज्यसभा जाने से रह गए.

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