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विजय माल्या भारत छोड़ने से पहले सेटलमेंट ऑफर लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिले

विजय माल्या ने बड़ा खुलासा किया। माल्या ने कहा भारत छोड़ने से पहले सेटलमेंट ऑफर लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिला था। माल्या 2 मार्च 2016 को लंदन भाग गया था। इस दावे पर जेटली ने कहा कि माल्या मिले नहीं थे, संसद के गलियारे में उनके साथ हो लिए थे।जेटली की तीखी प्रतिक्रिया के बाद माल्या भी अपनी बात थोड़ी हल्का करता दिखा।

उसने कहा कि इस मुद्दे पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। यह कोई औपचारिक मुलाकात नहीं थी। उसका बस वित्त मंत्री से सामना हो गया था।उधर, माल्या के प्रत्यर्पण पर लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। माल्या का प्रत्यर्पण होगा या नहीं, इस पर कोर्ट 10 दिसंबर काे फैसला सुनाएगा।

कोर्ट पहुंचे माल्या से पत्रकारों ने पूछा था- क्या देश छोड़ने के लिए उन्हें कोई संकेत मिला था। माल्या ने कहा, मेरी जेनेवा में एक बैठक थी। जाने से पहले मैं वित्त मंत्री से मिला। बैंकों के साथ सेटलमेंट का ऑफर दोबारा रखा। बयान पर विवाद बढ़ने के बाद माल्या ने कहा- मुझसे पूछा गया था कि मैंने भारत किन हालात में छोड़ा।

मैंने बताया कि मैं संसद में जेटली से मिला था और बताया कि मैं लंदन जा रहा हूं। ये कोई औपचारिक मुलाकात नहीं थी।जेटली ने कहा मुझसे मिलने संबंधी माल्या का बयान तथ्यात्मक रूप से गलत है। 2014 से अब तक मैंने माल्या को कभी कोई अपॉइंटमेंट नहीं दिया। ऐसे में मुझसे मिलने का सवाल ही नहीं उठता।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा माल्या राज्यसभा सदस्य थे। ऐसे ही एक अवसर का उन्होंने दुरुपयोग किया। मैं सदन से निकलकर अपने कमरे में जा रहा था। इसी दौरान वह साथ हो लिए। चलते-चलते कहा कि मैं सेटलमेंट की पेशकश कर रहा हूं। उनकी पहले की झूठी पेशकशों का मुझे पता था।

उन्हें बात आगे बढ़ाने से रोकते हुए मैंने शिष्टता से कहा कि मेरे साथ बात का कोई मतलब नहीं है। यह पेशकश बैंकों के सामने करें।भारत में बैंकों के साथ करीब नौ हजार करोड़ रु. की धोखाधड़ी के आरोपी माल्या को कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारतीय अधिकारियों ने मुंबई की आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 का एक वीडियो दिखाया।

प्रत्यर्पण की स्थिति में माल्या को यहीं रखा जाएगा। बैरक के बारे में पूछा तो माल्या ने कहा- यह काफी प्रभावशाली है। माल्या के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत मामला चल रहा है। ईडी ने नए कानून के तहत माल्या को भगोड़ा घोषित करने और 12,500 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने की मांग की थी।

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