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जेट एयरवेज के फाउंडर और चेयरमैन नरेश गोयल और पत्नी अनीता गोयल ने दिया एयरलाइन के बोर्ड से इस्तीफा

जेट एयरवेज के फाउंडर और चेयरमैन नरेश गोयल और पत्नी अनीता गोयल ने एयरलाइन के बोर्ड से इस्तीफा । नरेश गोयल ने चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया। एयरलाइन के बोर्ड ने कर्जदाताओं द्वारा तैयार किए गए रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे दी।

इसके तहत जेट एयरवेज को कर्जदाताओं से 1,500 करोड़ रुपए की फंडिंग तुरंत मिलेगी। जेट एयरवेज पर 8000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। एयरलाइन को दिवालिया होने से बचाने के लिए उसे नकदी की जरूरत है।

जेट को कर्ज देने वाले बैंकों ने पिछले हफ्ते संकेत दिए थे कि जेट के मैनेजमेंट में बदलाव होने पर वो एयरलाइन में और नकदी लगा सकते हैं। इस्तीफे के बाद नरेश गोयल ने कहा- एयरलाइन और 22 हजार कर्मचारियों को बचाने के लिए कोई भी त्याग मेरे लिए बड़ा नहीं है।

मैंने अपने 22 हजार कर्मचारियों की खातिर यह कदम उठाया है। मेरा परिवार इस फैसले में साथ खड़ा है। मुझे उम्मीद है कि आप भी इस फैसले में मेरा साथ देंगे। आप सभी की कमी महसूस होगी। इस्तीफे का फैसला यात्रा का अंत नहीं बल्कि नए अध्याय की शुरुआत है। 

एयरलाइन के रोजाना के कामकाज को देखने के लिए अंतरिम मैनेजमेंट कमेटी गठित की जाएगी। जेट के कर्जदाता बोर्ड में दो सदस्य नॉमिनेट करेंगे। एसबीआई के नेतृत्व में एयरलाइन के कर्जदाताओं का कंसोर्शियम रेजोल्यूशन प्लान तैयार कर रहा है।

इसमें जेट के कर्ज को शेयरों में बदलना और 1,500 करोड़ रुपए की फंडिंग तुरंत मुहैया करवाना शामिल है।गोयल के इस्तीफे के फैसले की खबर के बाद एयरलाइन के शेयर में तेजी आई। एनएसई पर यह 15.46% बढ़त के साथ 261 रुपए पर बंद हुआ।

बीएसई पर 12.69% ऊपर 254.50 रुपए पर क्लोजिंग हुई।जेट एयरवेज के पायलट्स और इंजीनियर्स को 3 महीने से सैलरी नहीं मिली है। पायलट्स ने 31 मार्च तक वेतन नहीं मिलने पर 1 अप्रैल से उड़ान नहीं भरने की चेतावनी दी है।

न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक पिछले हफ्ते यह खबर आई कि सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे जेट एयरवेज को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करें। एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर जेट एयरवेज दिवालिया होती है तो 16,500 लोगों की नौकरी जा सकती है।

सरकार लोकसभा चुनाव को देखते हुए ऐसा नहीं चाहती है। इससे सरकार की साख को नुकसान हो सकता है।लीज रेंट नहीं चुका पाने की वजह से जेट के 54 विमान खड़े हो चुके हैं। एयरलाइन ने पिछले हफ्ते 13 अंतरराष्ट्रीय रूट पर अप्रैल अंत तक के लिए उड़ानें रद्द करने का ऐलान किया था।

सात अंतरराष्ट्रीय रूट पर उड़ानों की संख्या पहले ही कम की जा चुकी है।बीते कुछ सालों में दूसरी एयरलाइन से प्रतिस्पर्धा में जेट ने किराए कम किए। लुभावने ऑफर पेश किए जबकि उतना मुनाफा नहीं हो रहा था। ब्रेंट क्रूड की कीमत में पिछले साल भारी उछाल आया।

इसलिए, जेट का हवाई खर्च बढ़ा। डॉलर के मुकाबले रुपया भी पिछले साल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। इसलिए, एयरलाइन का विदेशी मुद्रा खर्च बढ़ गया। इन वजहों से जेट को 2018 की तीन तिमाही (जनवरी-मार्च, अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर) में कुल 3,620 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनीता गोयल ने फुल सर्विस एयरलाइन जेट एयरवेज की स्थापना 25 साल पहले 1993 में की थी। एतिहाद एयरवेज की जेट में 24% की हिस्सेदारी है। उसने 2013 में जेट में शेयर खरीदे थे।

उस वक्त भी जेट एयरवेज आर्थिक संकट का सामना कर रही थी। एतिहाद के निवेश से उसे कर्ज से उबरने में मदद मिली थी। इस बार एतिहाद ने निवेश बढ़ाने से इनकार कर दिया।

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