जांच एजेंसियों ने विवादित इस्‍लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक पर कसा शिकंजा

जाकिर नाइक पर जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने उसके एनजीओ, इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन की संपत्ति को अटैच कर दिया। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्‍ट के तहत की गई इस कार्रवाई में 18.37 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच करने की बात सामने आई है। इससे पहले सोमवार को ही, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को इस्लाम के प्रचारक जाकिर नाइक को एक मामले में एनआईए के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया है।

इस मामले में जाकिर नाइक के खिलाफ धर्म और नस्ल के आधार पर विभिन्न गुटों के बीच नफरत फैलाने का आरोप है। एनआईए ने समन जारी कर 51 वर्षीय जाकिर नाइक को 30 मार्च को नई दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। एनआईए ने इससे पहले समन जारी कर नाइक को 14 मार्च को उपस्थित होने के लिए कहा था, लेकिन आत्मनिर्वासन पर चल रहे नाइक हाजिर नहीं हुए थे।

एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई के मझगांव इलाके में स्थित नाइक के आवास जैस्मिन अपार्टमेंट्स समन पहुंचाया दिया गया है। पिछले वर्ष एक जुलाई को बांग्लादेश की राजधानी ढाका के एक पॉश रेस्तरां में हुए आतंकवादी हमले की जांच के दौरान नाइक पहली बार जांच के घेरे में आए थे। ढाका हमले में शामिल एक आतंकवादी कथित तौर पर नाइक के भाषणों से प्रेरित होकर आतंकवादी बना था।

एनआईए ने इसके बाद गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत धर्म और नस्ल के आधार पर नफरत फैलाने के लिए नाइक के खिलाफ मामला दर्ज किया था और नाइक के आवास, उनके टेलीविजन चैनल पीस टीवी के कार्यालय सहित दर्जनों ठिकानों पर छापेमारी की थी। 

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