रजनीकांत की से जुड़ी प्रेरणादायक कहानी

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रजनीकांत की से जुड़ी प्रेरणादायक कहानी

रजनीकांत उन दिनों चेन्नई में थे। ‘शिवा जी’ बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी। कामयाबी से खुश रजनीकांत ने चेन्नई के कपलेश्वर मंदिर जाकर भगवान का शुक्र अदा करने का मन बनाया लेकिन उनके स्टाफ का कहना था कि इस तरह उनके मंदिर पहुंच जाने से अचानक व्यवस्था बिगड़ सकती है। रजनीकांत ने इस परेशानी से बचने के लिए बिल्कुल साधारण कपड़ों में, बिना सिक्योरिटी के एक बूढ़े शख्स की तरह अभिनय करते हुए मंदिर में दाखिल होने का फैसला किया। वो मंदिर पहुंचे तो वाकई उन्हे किसी ने नहीं पहचाना। लेकिन जब सामने से आती भीड़ को देखकर वो एकपल को सीढ़ियों की साइड में खड़े हो गए, तो वहां से गुज़र रही एक महिला ने उन्हे भिखारी समझ लिया और उनकी तरफ दस का नोट बढ़ा दिया।

रजनीकांत ने उन्हे नहीं बताया कि वो कौन हैं और उन्होने वो दस रुपये का नोट ले लिया। रजनी ने जब मुस्कुराकर उस औरत की तरफ देखा तो वो उन्हे पहचान गई। उसने उनसे माफी मांगी और अपने दस रुपये वापस लेने चाहे, लेकिन रजनीकांत ने बड़ी नर्मता से कहा “आपका मुझे दस रुपये देना परमात्मा का एक आशीर्वाद है, जिसने मुझे ये शिक्षा दी है कि आप कितने भी अमीर हो जाएं लेकिन भगवान के घर पर आप एक भिखारी ही रहेंगे”

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