घर में हो कोई विपत्ति… तो नवरात्र में पाए मुक्ति

घर में हो कोई विपत्ति… तो नवरात्र में पाए मुक्ति

जैसा की हमने आपको अपने पिछले लेख में बताया था की इंडिया हल्लाबोल के पाठकों की डिमांड पर हमने दुनिया की तन्त्र की राजधानी माने जाने वाली पीठ “कामख्या मंदिर” (गुवाहटी, असम) के भैरव पीठ के उत्तराधिकारी श्री शरभेश्वरा नंद “भैरव” जी महाराज से बात कर उनसे तन्त्र के सही स्वरूप को जानने के लिए निवेदन किया था। जिस पर इंडिया हल्ला बोल के पाठकों के लिए उन्होंने पहली बार मीडिया में अपने लेख देने के लिए अपनी सहमति दी है। उसी क्रम में हम आज उनका ये लेख आपके लिए लेकर आये हैं “घर में हो कोई विपत्ति… तो नवरात्र में पाए मुक्ति”

श्री शरभेश्वरा नंद “भैरव” जी महाराज से मिलने के लिए आप 09418388884 पर कॉल करके अपनी मीटिंग फिक्स कर सकते हैं।

शक्ति साधना के लिए और कृपा प्राप्ति के लिए नवरात्रि का बहुत ही महत्व है। नवरात्रि के दौरान शक्ति साधक मां भगवती की विशेष पूजा अर्चना करते हैं और तंत्र साधक विशेष सिद्धियां प्राप्त करने हेतु प्रयासरत रहते हैं। नवरात्र के दौरान “शक्ति” की विशेष ऊर्जा पृथ्वी मंडल पर विद्यमान रहती है जिसे साधक भलीभांति समझते हैं। इस दौरान की गई साधना निश्चित तौर पर बहुत फलदाई होती है।

आज हम आपको एक ऐसे ही वृतांत के बारे में बता रहे हैं जिसका संबंध नवरात्रि से जुड़ा है….

यह बात लगभग 1 वर्ष पूर्व की है। हमारे संपर्क में एक परिवार आया, जिसने यह बताया कि वह बहुत समय से किसी अदृश्य शक्ति से बहुत परेशान है। उनके अनुसार परिवार में पिछले कुछ वर्षों से बहुत ही अजीब सी घटनाएं हो रही है। घर की सभी स्त्रियों का जीना दुर्भर हो गया है, रात्रि में घर की स्त्रियों के साथ कोई अदृश्य शक्ति शारीरिक संबंध बनाती है और यह प्रक्रिया बहुत ही पीड़ादायक और क्रूरतापूर्वक की जाती है। ऐसा हर रोज होता है। जिसकी वजह से घर की स्त्रियों की मानसिक स्थिति भी बहुत खराब हो गई है, परिवार इस समस्या के समाधान के लिए बहुत लोगों से मिले,बहुत से लोगों ने उनकी समस्या का उपहास बनाया तो किसी ने इस समस्या की आड़ में उनका शोषण करने का प्रयास किया। कुछ ने उनका इस समस्या का समाधान करने का प्रयास किया और जिस किसी ने भी उनकी सहायता करने की कोशिश की उसे भी बहुत ही घातक परिणाम भोगने पड़े।

उन्होंने हमें बताया कि कि हम तो आपसे सहायता मांगने में भी भयभीत हो रहे हैं कि कहीं आपका ही कोई नुकसान ना हो जाए क्योंकि कुछ समय पूर्व किसी तंत्राचार्य ने हमारे लिए अनुष्ठान करने का प्रयास किया था और उन्होंने यह भी बताया कि यह किसी जिन्न का दोष है जो हमें पीड़ा दे रहा है। वह इसे अपने काबू में कर लेंगे परंतु अनुष्ठान करने से पूर्व ही उनका एक बहुत ही भयावह एक्सीडेंट हो गया और वह 6 महीने तक बिस्तर में पड़े रहें।अन्य कोई व्यक्ति भी उनकी किसी भी तरह से कोई सहायता करने की कोशिश करता है तो उन्हें भी किसी न किसी रूप में किसी कष्ट का सामना करना पड़ता है।

यह परिवार हमारे पास बहुत ही निराश और हताश होकर पहुंचा था…

यह सारा वृत्तांत जानकर यह कार्य हमारे लिए भी चुनौतीपूर्ण हो गयाI हमें इस तरह के चुनौतीपूर्ण कार्य करने में बहुत आनंद आता है तो हमने तत्काल उन्हें ये कह दिया कि हम उनका कार्य अवश्य करेंगे। हम तुरंत उसी समय उनके साथ उनके घर के लिए निकल पड़े। उनके घर का वातावरण बहुत ही दुर्गंध पूर्ण और एक अजीब सी अशांति लिए हुए था, घर की दीवारें बहुत ही खराब स्थिति में थी। उनमें सीलन भरी पड़ी थी पूरे घर में अजीब सी दुर्गंध बनी हुई थीI जैसे ही हमने उनके घर में प्रवेश किया तो हमारा सर दरवाजे के ऊपर टकरा गया। जिसको लेकर वह परिवार अपनी चिंता को भूलकर हमारे लिए चिंतित हो गया कि यह शुभ संकेत नहीं है। आप देख लीजिए कहीं आपका कोई नुकसान ना हो जाए।

हम ने उनके घर में बैठकर भैरव जी का दीपक प्रज्वलित कर सारी स्थिति को समझा और हमने यह पाया कि उस घर में एक बहुत ही शक्तिशाली जिन्न का वास है। हमने जिन्न से संपर्क करने का प्रयास किया और यह पाया कि वह एक बहुत ही उद्दंड और दुष्ट वृत्ति का जिन्न है, जिसे सिर्फ लोगों को पीड़ित करने में ही आनंद आता है। यह विशेष रूप से स्त्रियों पर अपना अधिकार जमाने का प्रयास करता है। उसका व्यवहार हमारे प्रति भी बहुत ही उदंडता पूर्ण रहा। अब इसे भैरव जी की और मां कामाख्या की कृपा ही समझिए कि इस तरह के दुष्टों को सबक सिखाने में हम भी ज्यादा समय नहीं लगाते। हमने तुरंत उसे चेतावनी दी कि वह इस घर को छोड़े नहीं तो उसके परिणाम उसके लिए बहुत ही घातक होंगे, परंतु उसने हमारी इस बात को परिहास में लिया और जोर-जोर से ठहाके लगाकर हंसने लगा।

घर में अचानक से दुर्गंध बहुत ज्यादा बढ़ गई और सांस लेना भी दुर्भर हो गया। हम सभी को घर से बाहर आना पड़ा और परिवार के लोग हम से कहने लगे कि पता नहीं हमारा क्या होगा? किस जन्म के पाप की सजा हम यह भोग रहे हैं। अगर आप हमारी कुछ सहायता कर सकते हैं तो हमें बचा लीजिए…

हमने उन्हें आश्वासन दिया कि भरोसा रखें और परमात्मा जरूर उनकी सहायता करेंगे। हम कुछ दिनों के उपरांत दुबारा आपके घर आएंगे और इस समस्या को जड़ से समाप्त कर देंगे। यह कहकर हम वहां से वापस आ गए। दो दिन के उपरांत नवरात्रि शुरु हो रहे थे तो हमने अपनी नवरात्रि की साधना में एक “शूल” की स्थापना की और उस पर 9 दिन तक शूलिनी दुर्गा का अनुष्ठान किया। अब यह शूल एक महा अस्त्र का रूप धारण कर चुका था जिसकी ऊर्जा को संभाल पाना उस जिन्न के बस की बात नहीं थी चाहे वह जितना भी शक्तिशाली क्यों ना हो।

आगे की प्रक्रिया अब उसे काबू करने की थी तो उसके लिए हम दोबारा उस घर में गए और श्री शरभ आकाश भैरव के “पाश” से उस शैतान को एक चारपाई के पाए में आबद्ध कर लिया।

इसके उपरांत हमने किलन की प्रक्रिया प्रारंभ की जो की सामान्य तौर पर हम नहीं करते हैं, हमारा मानना है कि सूक्ष्म जगत की हर शक्ति को सम्मान देना चाहिए परंतु दुष्टों को दंड देना भी आवश्यक है और यह एक ऐसा दुष्ट था जो किसी भी तरह से सुधरने वाला नहीं था। किलन की प्रक्रिया पूर्ण होने पर हमने शूलिनी दुर्गा के “शूल” से उसे चारपाई के पाए में उसका किलन कर दियाI तदोपरांत किसी गुप्त स्थान पर जाकर पूर्ण विधान कर उसे सदैव के लिए दफना दिया।

उस दुष्ट को भी यह उम्मीद नहीं थी उसके साथ ऐसा भी हो सकता है परंतु यह सब संभव इसलिए हो पाया कि 9 दिन के नवरात्रि की साधना से वह “शूल” इतना शक्तिशाली अस्त्र बन चुका था की उसके सामने किसी भी तरह की नकारात्मक शक्ति का टिक पाना असंभव था। इसी कारण यह कार्य हमारे लिए भी सरल हो गया। यह “मां शक्ति” की कृपा है और एक संयोग है कि उस समय के दौरान नवरात्रि पर्व पड़ा और मां की कृपा से यह कार्य पूर्ण हुआ।

अब वह परिवार उसी घर में बहुत अच्छे वातावरण में रह रहा है और धीरे-धीरे घर की सभी स्त्रियों के स्वास्थ्य में सुधार होना शुरु हो गया। वह परिवार अब सदैव के लिए मां शक्ति का भक्त बन गया है।

।। जय माता दी ।।

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