कहां से आया नाग, डमरु, त्र‌िशूल, त्र‌िपुंड और नंदी श‌िवजी के पास

कहां से आया नाग, डमरु, त्र‌िशूल, त्र‌िपुंड और नंदी श‌िवजी के पास 

भगवान श‌िव का ध्यान करने मात्र से मन में जो एक छव‌ि उभरती है वो एक वैरागी पुरुष की। इनके एक हाथ में त्र‌िशूल, दूसरे हाथ में डमरु, गले में सर्प माला, स‌िर पर त्र‌िपुंड चंदन लगा हुआ है। माथे पर अर्धचन्द्र और स‌िर पर जटाजूट ज‌‌िससे गंगा की धारा बह रही है। थोड़ा ध्यान गहरा होने पर इनके साथ इनका वाहन नंदी भी नजर आता है। कहने का मतलब है क‌ि श‌िव के साथ ये 7 चीजें जुड़ी हुई हैं।

आप दुन‌िया में कहीं भी चले जाइये आपको श‌िवालय में श‌िव के साथ ये 7 चीजें जरुर द‌‌िखेगी। आइये जानें क‌ि श‌िव के साथ इनका संबंध कैसे बना यानी यह श‌िव जी से कैसे जुड़े। क्या यह श‌िव के साथ ही प्रकट हुए थे या अलग-अलग घटनाओं के साथ यह श‌िव से जुड़ते गए।

Check Also

शक्ति और जागरण की रात – महाशिवरात्रि

शक्ति और जागरण की रात – महाशिवरात्रि   जैसा की हमने आपको अपने पिछले लेख …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *