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परमेश्वर का वचन – बाइबल – What Does the Bible Say About Word Of God

परमेश्वर का वचन को पढ़े, प्रभु में बलिष्ठ नहीं हो सकता।

6. बाइबल विश्वासी को पवित्र शास्त्र का अध्ययन करने की आज्ञा देता है

2 तीमु 2:15 ” अपने आप को परमेश्वर का ग्रहण योग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्न कर, जो लज्जित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो।”

” अपने आप को परमेश्वर का ग्रहण योग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्न कर” आज्ञा है। जब आप बाइबल का अध्ययन करेंगे, तो जानेंगे कि न सिर्फ इसमें परमेश्वर का वचन है बल्कि यह परमेश्वर का वचन है। आप ध्यान रखें कि परमेश्वर के वचन में परमेश्वर के शब्द हैं और साथ ही शैतान ,दुष्टात्माओं, स्वर्गदूतों, मनुष्यों के भी शब्द हैं, भले और बुरे दोनों। परमेश्वर सत्य है और झूठ नहीं बोलता। शैतान “झूठा है और झूठ का पिता है।” मनुष्य भौतिक है तथा इसलिए सीमित है और हमेशा सच नहीं बोल सकता।

जब आप बाइबल का अध्ययन करें, तो सबसे पहले अपने से यह प्रश्न पूछें : कौन बात कर रहा है : परमेश्वर, शैतान, स्वर्गदूत या मनुष्य? दूसरा प्रश्न यह कि किस से बात हो रही हैं : इस्राएल राज्य से, अन्य जातियों से, कलीसिया से या किसी मनुष्य से? तीसरा प्रश्न यह रखें कि मैं किस तरह इस पवित्र शास्त्र को व्यक्तिगत जीवन में लागू करके एक बेहतर मसीही बन सकता हूं?

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