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What is Buddhism – बौद्ध धर्म क्या है?

बौद्ध-दीक्षा का मंत्र

बुद्धं सरणं गच्छामि : मैं बुद्ध की शरण लेता हूँ।

धम्मं सरणं गच्छामि : मैं धर्म की शरण लेता हूँ।

संघं सरणं गच्छामि : मैं संघ की शरण लेता हूँ।

बौद्ध धर्म क्या है?

यो च बुद्धं च धम्मं च संघं च सरणं गतो।

चत्तारि अरिय सच्चानि सम्मप्पञ्ञाय पस्सति॥

दुक्खं दुक्खसमुप्पादं दुक्खस्स च अतिक्कमं।

अरियं चट्ठगिंकं मग्गं दुक्खूपसमगामिनं॥

एतं खो सरणं खेमं एतं सरणमुत्तमं।

एतं सरणमागम्म सव्वदुक्खा पमुच्चति॥

बौद्ध धर्म कहता है कि जो आदमी बुद्ध, धर्म और संघ की शरण में आता है, वह सम्यक्‌ ज्ञान से चार आर्य सत्यों को जान लेता है। ये आर्य सत्य हैं- दुःख, दुःख का हेतु, दुःख से मुक्ति और दुःख से मुक्ति की ओर ले जाने वाला अष्टांगिक मार्ग। इसी मार्ग की शरण लेने से कल्याण होकर और मनुष्य सभी दुःखों से छुटकारा पा जाता है।

बौद्ध धर्म के आर्यसत्य-चतुष्टय

बौद्ध धर्म के अनुसार आर्य सत्य चार हैं :

(1) दुःख

(2) दुःख-समुदाय

(3) दुःख-निरोध

(4) दुःखनिरोध-गामिनी

पहला आर्य सत्य दुःख है। जन्म दुःख है, जरा दुःख है, व्याधि दुःख है, मृत्यु दुःख है, अप्रिय का मिलना दुःख है, प्रिय का बिछुड़ना

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