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Movie Review : फिल्म पैडमैन

क्रिटिक रेटिंग  :  3.5 /5

स्टार कास्ट  :  अक्षय कुमार, राधिका आप्टे और सोनम कपूर

डायरेक्टर  :  आर. बाल्की

प्रोड्यूसर  :  ट्विंकल खन्ना, क्रिअर्ज एंटरटेनमेंट, केप ऑफ गॉड फिल्म्स, होप प्रोडक्शंस

संगीत  :  अमित त्रिवेदी

जॉनर  :  बायोग्राफिकल कॉमेडी ड्रामा

पैडमैन डायरेक्टर आर. बाल्की की बायोग्राफिकल कॉमेडी ड्रामा फिल्म है।चीनी कम (2007), पा (2009) और की एंड का(2016) जैसी फिल्मों के डायरेक्टर आर बाल्की अब देसी सुपरहीरो पैडमैन के साथ सिनेमाघरों में आए हैं, जो एक स्ट्रॉन्ग मैसेज देती है। फिल्म में अक्षय कुमार, राधिका आप्टे और सोनम कपूर अहम रोल है।

फिल्म की कहानी तमिलनाडु के पद्म अवॉर्डी अरुणाचलम मुरुगनाथन की लाइफ पर बेस्ड है, जिन्हें मेंस्ट्रुअल मैन के नाम से भी जाना जाता है और जिन्होंने सस्ते सेनेटरी पैड बनाकर पत्नी, बहन और दूसरी महिलाओं को पीरियड्स के समय होने वाली दिक्कतों से छुटकारा दिलाया।

कहानी लक्ष्मीकांत चौहान उर्फ़ लक्ष्मी (अक्षय कुमार) की है, मध्य प्रदेश के छोटे से कस्बे में रहता है। लक्ष्मी अपनी पत्नी गायत्री (राधिका आप्टे) से बहुत प्यार करता है और उसे हर खुशी का ख्याल रखता है। वह गायत्री की लाइफ को आसान बनाना चाहता है।

जब उसे अहसास होता है कि गायत्री पीरियड्स के दौरान गंदे कपड़ों का इस्तेमाल करती है, क्योंकि एक फैक्ट्री वर्कर की पत्नी होने के नाते वह महंगे सेनेटरी पैड का खर्च नहीं उठा सकती। तब लक्ष्मी खुद सेनेटरी पैड बनाने का फैसला लेता है।

अपने एक्सपेरिमेंट्स और पैड्स के प्रति लक्ष्मी के लगाव को देख पड़ोसी उसकामजाक उड़ाने लगते हैं। लक्ष्मी न केवल अपने आसपास की महिलाओं की जिंदगी आसान बनाने के लिए स्ट्रगल करता है। बल्कि उसे समाज से भी टकराना पड़ता है, जो अंधविश्वास के चलते माहवारी को गंदा मानता है और पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अलग रखने में विश्वास रखता है।

लक्ष्मी को अपनी इस जंग में किस तरह की चुनौतियों को सामना करना पड़ता है? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।लक्ष्मी के किरदार में अक्षय कुमार एकदम फिट बैठे हैं। जिन लोगों ने अरुणाचलम मुरुगनाथन की अंग्रेजी में स्पीच सुनी और देखी हैं, वे फिल्म में अक्षय को देख साफ समझ लेंगे कि उन्होंने कैसे अपनी बॉडी लैंग्वेज, उनकी खूबियों और जोखिमों को उनसे मैच किया है।

राधिका आप्टे अपने किरदार में एकदम नेचुरल लगी हैं। अक्षय कुमार के साथ उनकी केमिस्ट्री देखने लायक है। म्यूजिशियन परी के रोल में सोनम कपूर ने जबर्दस्त काम किया है।फिल्म का फर्स्ट हाफ बहुत स्ट्रॉन्ग है। आर बाल्की ने इसमें लक्ष्मी की पर्सनैलिटी और ह्यूमरस अंदाज को दिखाया है। हालांकि सेकंड हाफ कुछ कमजोर है।

गैर जरूरी रोमांटिक ट्रैक फिल्म की रफ़्तार को कम कर देते हैं। इतने स्ट्रॉन्ग प्लॉट, इंस्प्रेशनल हीरो और जबर्दस्त परफ़ॉर्मेंस के बीच डाले गए इन गानों की फिल्म में जरूरत नहीं थी।फिल्म में अमिताभ बच्चन का कैमियो जबर्दस्त है। लेकिन उनकी स्पीच काफी लम्बी कर दी गई है, जो फिल्म की स्मूथनेस को कम करती है।

फिल्म में अमित त्रिवेदी को संगीत सुकून देता है। कौसर मुनीर द्वारा लिखा गया सॉन्ग ‘आज से तेरी’ पहले ही फेमस हो चुका है, जिसे आवाज अरिजीत सिंह ने दी है। टाइटल सॉन्ग सहित बाकी गाने भी सुनने भी ठीक लगते हैं।

यह फिल्म जरूर देखना चाहिए। क्योंकि जहां इसकी कहानी और स्टारकास्ट की एक्टिंग इसे देखने के लिए आकर्षित करती है। वहीं, फिल्म जिस कॉज को दिखाती है, उसे ऑडियंस को जरूर सपोर्ट करना चाहिए।

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