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नसीरुद्दीन शाह के बयान पर दो गुटों में बंटा बॉलीवुड

एक इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कई जगहों पर पुलिस अफसर से ज्यादा गाय की हत्या को महत्व दिया जा रहा है। देश में जहर फैल चुका है, लोगों को कानून अपने हाथों में लेने की खुली छूट मिल गई है। इस बात की फिक्र होती है कि हालात जल्दी सुधरते नजर नहीं आ रहे। नसीर के इस बयान के बाद देश और बॉलीवुड के सेलेब्स दो गुटो में बंट गए हैं।

किसी ने उनका सपोर्ट किया तो किसी ने विरोध में अपने विचार रखे।क्रिकेटर रवींद्र जड़ेजा ने भी नसीरुद्दीन के बयान के बाद ट्वीट किया। जड़ेजा ने लिखा- आतंकवादी सहानुभूति रखने वाले नसीरुद्दीन शाह कहते हैं- मैं भारत में अपने बच्चों के लिए डरता हूं।

जिन्होंने 1993 के मुंबई आतंकवादी हमले में दोषी आतंकवादी याकूब मेमन की दया याचिका पर हस्ताक्षर किए थे। वह और उसके बच्चे आतंकवादियों से नहीं डरते? एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने नसीरुद्दीन शाह का सपोर्ट किया है। स्वरा ने ट्विटर पर लिखा है- हमारा घर है, कौन निकाल सकता है हमें यहां से।

आपके साथ हूं नसीरुद्दीन सर ।एक्ट्रेस रिचा चढ्डा भी इस मामले में अपने विचार ट्विटर पर शेयर कर चुकी हैं। रिचा ने एक यूजर के ट्वीट को कोट करते हुए लिखा- उनसे यह क्यों नहीं पूछा कि उन्हें ऐसा क्यों लगता है? यह उनका सच है, उनका अनुभव है।

और ऐसे ही कई दूसरों का भी। क्या आप उनकी भावनाओं को सेंसर कर सकते हैं? आप इसके लिए उन्हें शर्मिंदा नहीं कर सकते। उनकी टिप्पणी की प्रतिक्रियाएं उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे को सही साबित कर रही हैं। नकली राष्ट्रवादी होने से बेहतर है नाराज देशभक्त होना।

लाहौर में एक सभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा था कि भारत में कानून तोड़ती भीड़ के कारण शाह अपने बच्चों के लिए डर महसूस कर रहे हैं। यानी जिन्ना की कही बात सच है कि जिन्ना ने एक ऐसे भारत में नहीं रहने के बारे में कहा था जहां मुसलमान समान नागरिक नहीं होंगे।

इमरान के इस बयान पर नसीरुद्दीन शाह ने कहा है- मुझे लगता है कि खान साहब को उन मुद्दों पर टिप्पणी करने के बजाय जो उन्हें चिंतित नहीं करती हैं, अपने देश की ओर देखना चाहिए। हम 70 साल से एक लोकतंत्र में रह रहे हैं और हम जानते हैं कि हमें अपनी देखभाल कैसे करनी है।

अजमेर लिट्रेचर फेस्टिवल में हुए नसीरुद्दीन के विरोध के बाद सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट किया – यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अजमेर लिट्रेचर फेस्ट के आयोजक नसीरुद्दीन शाह से विरोध की कुछ खबरों के बीच उन्हें उद्घाटन में नहीं आने कहते हैं। फेस्टिवल को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार था।

हमारी सरकार प्रत्येक नागरिक के सभी अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करती है।योगेश्वर दत्त ने भी नसीरुद्दीन शाह के खिलाफ बैक टू बैक ट्वीट्स करते हुए उन पर निशाना साधा। सिंगर मालिनी अवस्थी ने भी नसीरुद्दीन शाह के एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान किए गए बुरे बर्ताव को लेकर निशाना साधा।

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