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पूजन विधि

Ekbhukt Vrat vidhi । एकभुक्त व्रत विधि

एकभुक्त व्रत पौष माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को रखा जाता है। इस व्रत को बड़ा प्रभावशाली माना जाता है। इस दिन भगवान सूर्य की पूजा करने का विधान है। इस व्रत में व्रती को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। एकभुक्त व्रत विधि (Ekbhukt Vrat Vidhi in Hindi) नारद पुराण के अनुसार पौष माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को सूर्य …

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Roatak Vrat vidhi । रोटक व्रत विधि

रोटक व्रत श्रावण महीने की शुक्ल प्रतिपदा को रखा जाता है। नारद पुराण के अनुसार श्रवण महीने के पहले सोमवार से लेकर करीब साढ़े तीन महीने तक यह व्रत किया जाता है। इस व्रत में विशेष रूप से भगवान शिव की सोमेश्वर नाम से पूजा की जाती है। रोटक व्रत विधि (Rotak Vrat Vidhi in Hindi) नारद पुराण के अनुसार …

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Shri Panchami Vrat vidhi । श्री पंचमी व्रत विधि

श्री पंचमी का व्रत चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन रखा जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। भविष्यपुराण के अनुसार यह व्रत लक्ष्मी प्राप्ति के लिए किया जाता है। श्री पंचमी व्रत कथा (Story of Shri Panchami Vrat in Hindi) भविष्यपुराण की एक कथा के अनुसार देवताओं से रुष्ट होकर देवी लक्ष्मी …

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Lalitaastami Vrat vidhi । ललिताषष्ठी व्रत विधि

ललिताषष्ठी व्रत भद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को रखा जाता है।यह व्रत उन स्त्रियों के लिए बहुत शुभ होता है जिन्हें सौभाग्य और संतान की कामना होती है। इस दिन विशेष तौर पर ललिता देवी के रूप में माता पार्वती की पूजा की जाती है। ललिताषष्ठी व्रत विधि (Lalitaastami Vrat Vidhi in Hindi) ललिताषष्ठी के दिन व्रती को …

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Umamaheswar Vrat vidhi । उमा-महेश्वर व्रत विधि

भविष्यपुराण के अनुसार उमा महेश्वर व्रत मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को रखा जाता है लेकिन नारदपुराण के अनुसार भाद्रपद की पूर्णिमा के दिन उमा महेश्वर व्रत मनाया जाता है। उमा महेश्वर व्रत स्त्रियों के लिए विशेष महत्त्व रखता है। यह व्रत बुद्धिमान संतान, सुवर्ण वस्त्र और सौभाग्य देने वाला होता है। इस दिन भगवान शिव के अर्धनारी …

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Satya narayan Vrat vidhi । सत्यनारायण व्रत विधि

सत्यनारायण व्रत हिन्दू धर्म से सबसे श्रेष्ठ फलदायी व्रतों में से एक माना जाता है। इस व्रत की महिमा से व्यक्ति को सभी अभीष्ट वस्तुओं की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु की नारायण रूप में आराधना की जाती है। इस व्रत की महिमा से नरक की पीड़ा से भी मुक्ति प्राप्त हो जाती है। सत्यनारायण व्रत कब करें …

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Akhsay navami Vrat vidhi । अक्षय नवमी व्रत विधि

अक्षय नवमी का व्रत कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की नवमी को रखा जाता है। हिन्दू धर्म के शास्त्रों और पुराणों के अनुसार इस दिन द्वापर युग का आरंभ हुआ था। इस दिन विशेषकर आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है, इसलिए इसे आंवला नवमी भी कहा जाता हैं। माना जाता है कि आंवले के वृक्ष पर देवी लक्ष्मी …

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Papakunsha Ekadashi Vrat vidhi । पापाकुंशा एकादशी व्रत विधि

हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापाकुंशा एकादशी कहा जाता है। इस शुभ दिन भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा की जाती है तथा पालकी में मूर्तियों को स्थापित कर शोभा यात्रा निकाली जाती है। इस पुण्य व्रत को करने से यमलोक में यातनाएँ नहीं सहनी पड़ती। पापाकुंशा एकादशी व्रत विधि (Papakunsha …

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Durvaastami Vrat vidhi । दुर्वाष्टमी व्रत विधि

दुर्वाष्टमी व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को रखा जाता है। संतान प्राप्ति और वंश वृद्धि के लिए इस व्रत को बेहद महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन दूर्वा (एक प्रकार की घास) की पूजा करने का विधान है। क्यों की जाती है दूर्वा की पूजा (Why to do Durva Puja in Hindi) हिन्दू धर्म में कई पेड़-पौधों …

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Budhaastami Vrat vidhi । बुधाष्टमी व्रत विधि

शुक्ल पक्ष की अष्टमी यदि बुधवार को पड़े तो उसे बुधाष्टमी कहा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने वाले जातकों को मोक्ष प्राप्त होता है। भविष्य पुराण के अनुसार इस व्रत की महिमा से व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं तथा उसे विभिन्न सुखों की प्राप्ति होती है। इस दिन बुध ग्रह को शांत करने …

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