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पूजन विधि

Brahmasavitri Vrat vidhi । ब्रह्मसावित्री व्रत विधि

आमवस्या का व्रत हर महीने में रखा जाता है। ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाली अमावस्या के व्रत को ब्रह्मसावित्री व्रत के नाम से जाना जाता है। ब्रह्मसावित्री व्रत की पूजा विधि भी ज्येष्ठ पूर्णिमा को पड़ने वाले वट सावित्री व्रत के समान ही बताई गई है। ब्रह्मसावित्री व्रत की विधि (Brahmasavitri Vrat vidhi in Hindi) ब्रह्मसावित्री व्रत में सबसे पहले …

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Vaibhav Laxmi Puja Vrat vidhi । वैभव लक्ष्मी व्रत विधि

वैभव लक्ष्मी व्रत शुक्रवार के दिन रखा जाता है। मान्यता है कि वैभव लक्ष्मी व्रत अतिशीघ्र फल प्रदान करता है। इस दिन विशेष रूप से धन और वैभव की देवी, लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। पूरे दिन उपवास रख कर शाम के समय एक बार भोजन करने का रिवाज है। इसमें ध्यान देने योग्य बात यह है कि …

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Ganesh chaturthi puja Vrat vidhi । गणेश पूजा व्रत विधि

हिंदू धर्म में गणेश भगवान को प्रथम पूजनीय माना जाता है। किसी भी शुभ-कार्य जैसे विवाह, ग्रह प्रवेश, भूमि पूजन आदि में सबसे पहले गणेश जी की पूजा कर उन्हें शांत कर लिया जाता है। मान्यता है कि गणेश पूजन के फलस्वरूप व्यक्ति की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। व्यक्ति के सारे संकट और दुख दूर हो जाता है। …

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Shri Santan Gopal Puja Vrat vidhi । श्री संतान गोपाल पूजा व्रत विधि

ज्योतिष शास्त्र विभिन्न प्रकार के कष्टों और दोषों को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय, पूजा विधि और मंत्रों को जाप करने का सुझाव देता हैं। जिसके प्रयोग से जातक अपने जीवन के कष्टों को दूर करने का प्रयास करते हैं। ऐसा ही एक प्रभावी मंत्र है “श्री संतान गोपाल मंत्र”। कुंडली में संतान सुख का दोष होने …

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Ashadha Purnima Vrat vidhi । आषाढ़ पूर्णिमा व्रत विधि

आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को “गोपद्म व्रत” रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की विशेष रूप से पूजा की जाती है। गोपद्म व्रत सभी सुखों को प्रदान करने वाला माना जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा व्रत विधि (Ashadha Purnima or Gopad Purnima Vrat Vidhi) नारद पुराण के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा व्रत जिसे गोपद्म व्रत भी कहते है, के …

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Kojagiri Purnima Vrat vidhi । कोजागर पूर्णिमा व्रत विधि

आश्विन मास की पूर्णिमा को कोजागर व्रत (Kojagiri Purnima Vrat) रखा जाता है। इस दिन विशेष रूप से देवी लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। यह व्रत लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने वाला माना जाता है। कोजागर व्रत विधि (Kojagiri Purnima Vrat Vidhi in Hindi) नारद पुराण के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को प्रातः स्नान कर उपवास रखना …

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Kartik Purnima Vrat vidhi । कार्तिक पूर्णिमा व्रत विधि

कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन वृषोसर्ग व्रत रखा जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान कार्तिकेय और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान हैं। यह व्रत शत्रुओं का नाश करने वाला माना जाता है। इसे नक्त व्रत भी कहा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा की विधि (Kartik Purnima Vrat Vidhi in Hindi) नारद पुराण के अनुसार कार्तिक मास …

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Chaitra Purnima Vrat vidhi । चैत्र पूर्णिमा व्रत विधि

पूर्णिमा का व्रत हर माह में रखा जाता है। चैत्र माह की पूर्णिमा को व्रत रखना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन उपवास रखने तथा चंद्र देव अर्थात चंद्रमा की पूजा करने का विधान है। चैत्र महीने की पूर्णिमा व्रत विधि (Chaitra Purnima Vrat Vidhi in Hindi) नारद पुराण के अनुसार पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान कर पूरे दिन …

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Souri Pratipada Vrat vidhi । सौरि व्रत विधि

चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को सौरि व्रत रखा जाता है। नारद पुराण के अनुसार इस दिन ही ब्रह्माजी ने सम्पूर्ण सृष्टि की रचना की थी। इसलिए अमावस्या के बाद जो प्रतिपदा तिथि प्राप्त होती है, उस दिन किए गए व्रत को सौरि व्रत कहते हैं। इस दिन भगवान ब्रह्मा की पूजा की जाती है। सौरि व्रत …

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Mahttam Vrat vidhi । महत्तम व्रत विधि

महत्तम व्रत भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को रखा जाता है। इसे कुछ लोग मौन व्रत के नाम से भी जानते हैं। महत्तम व्रत में मौन रहकर भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। महत्तम व्रत विधि (Mahattam Vrat Vidhi in Hindi) नारद पुराण के अनुसार भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को प्रातः उठकर स्नान करना चाहिए। …

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