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आरतियां

बुधवार व्रत की आरती

बुध ग्रह की शांति और सर्व-सुखों की इच्छा रखने वाले स्त्री-पुरुषों को बुधवार का व्रत अवश्य करना चाहिए। बुधवार व्रत कथा: एक समय की बात है एक साहूकार अपनी पत्नी को विदा कराने के लिए अपने ससुराल गया। कुछ दिन वहां रहने के उपरांत उसने सास-ससुर से अपनी पत्नी को विदा करने के लिए कहा किंतु सास-ससुर तथा अन्य संबंधियों …

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रविवार व्रत की आरती

सभी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाले रविवार व्रत की कथा इस प्रकार से है- प्राचीन काल में किसी नगर में एक बुढ़िया रहती थी। वह प्रत्येक रविवार को सुबह उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर आंगन को गोबर से लीपकर स्वच्छ करती थी। उसके बाद सूर्य भगवान की पूजा करने के बाद भोजन तैयार कर भगवान …

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नवग्रह आरती

नवग्रह आरती आरती श्री नवग्रहों की कीजै । बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै ।। सूर्य तेज़ व्यापे जीवन भर । जाकी कृपा कबहुत नहिं छीजै ।। रुप चंद्र शीतलता लायें । शांति स्नेह सरस रसु भीजै ।। मंगल हरे अमंगल सारा । सौम्य सुधा रस अमृत पीजै ।। बुद्ध सदा वैभव यश लीये । सुख सम्पति लक्ष्मी पसीजै ।। विद्या …

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युगलकिशोर जी की आरती

युगलकिशोर जी की आरती भगवान कृष्ण का पूजन करते समय कुंजबिहारी आरती की स्तुति की जाती है। आरत्ती युगलकिशोर की कीजै राधे, तन मन धन न्यौछावर कीजै । रवि शीश कोटि बदन की शोभा, ताहि निरखि मेरी मनलोभा ।। आरती ….. गौश्याम मुख निरखत रीझै, प्रभुको स्वरुप नयन भर पीजै ।। आरती ….. कंचंनथाल कपुर की बाती, हरि आये निर्मल भई छाती …

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शाकम्भरी देवी की आरती

शाकम्भरी देवी की आरती हरी श्री शाकम्भरी अम्बा जी की आरती कीजो ।  ऐसा अदभुत रुप हृदय धर लीजो, शताक्षी दयालु की आरती कीजो ।। तुम परिपूर्ण आदि भावानी माँ, सब घट तुम आप बखानी माँ ।। शाकम्भर अम्बाजी की आरती कीजो तुम्ही हो शाकम्भर, तुम ही हो शताक्षी माँ शिवमूर्ति माया प्रकाशी माँ, श्री शाकम्भर नित जो नर नारी …

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केदार नाथ जी की आरती

केदार नाथ जी की आरती जय केदार उदार शंकर, मन भयंकर दु:ख हरम | गौरी गणपति स्कंद नंदी, श्री केदार नमाम्यहम | शैल सुंदर अति हिमालय, शुभ्र मंदिर सुंदरम | निकट मंदाकिनी सरस्वती, जय केदार नमाम्यहम | उदक कुंण्ड है अधम पावन, रेतस कुंड मनोहरम | हंस कुंण्ड समीप सुंदर, जय केदार नमाम्यहम | अन्नपूर्णा सह अपर्णा, काल भैरव शोभितम …

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बद्री नाथ जी की आरती

बद्री नाथ जी की आरती पवन मंद सुगंध शीतल हेम मंदिर शोभितम | निकट गंगा बहत निर्मल श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम | शेष सुमिरन करत निशदिन धरत ध्यान महेश्वरम | शक्ति गौरी गणेश शारद नारद मुनि उच्चारणम | जोग ध्यान अपार लीला श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम | इंद्र चंद्र कुबेर धुनि कर धूप दीप प्रकाशितम | सिद्ध मुनिजन करत जै जै बद्रीनाथ …

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Shri Shyam Baba Ji Ki Aarti।श्यामबाबा की आरती

श्याम बाबा का वर्णन महाभारत काल में किया गया है। माना जाता है कि श्यामबाबा जी की सच्चे मन से आराधना करने से सभी कार्यों में सफलता तथा मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। पूर्ण रुप से इनकी उपासना में से विलीन होने से तन-मन स्वच्छ हो जाता है। श्यामबाबा की आरती (Shri Shyam Baba Ji Ki Aarti) ॐ …

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श्री राणी सतीजी की आरती

श्री राणी सतीजी की आरती ॐ जय श्री राणी सती माता , मैया जय राणी सती माता , अपने भक्त जनन की दूर करन विपत्ती || अवनि अननंतर ज्योति अखंडीत , मंडितचहुँक कुंभा दुर्जन दलन खडग की विद्युतसम प्रतिभा || मरकत मणि मंदिर अतिमंजुल , शोभा लखि न पडे, ललित ध्वजा चहुँ ओरे , कंचन कलश धरे || घंटा घनन …

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चामुण्डा देवी की आरती

हिन्दू मान्यतानुसार देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों में से चामुण्डा देवी प्रमुख हैं। दुर्गा सप्तशती में चामुण्डा देवी की कथा का वर्णन किया है। मान्यता है कि चामुण्डा देवी की साधना करने से मनुष्य को परम सुख की प्राप्ति होती है। साधना के लिए मां की आरती निम्न हैं: चामुण्डा देवी जी की आरती (Chamunda Devi Aarti in Hindi) जय …

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