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सम्पादकीय

जानिये भारतीय शिक्षा पद्ति कैसे देश की संस्कृति और संस्कारों का हनन कर रही है।

भागवत कथा वाचक श्री देवकीननदन ठाकुर जी महाराज ने देश में एक नया मुद्दा उठा दिया है। जाने अनजाने में हम सभी भी ये गलती रोज दोहरा रहें है लेकिन हमे आज तक इस बात का पता नहीं चला। हम भी टेररिज्म को बढ़ावा दे रहे हैं और वो टेररिज्म …

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क्या आप पहचानते हैं इस मैडम को ?

2013 के विधानसभा चुनाव को राजनीति के मैदान में सेमीफाइनल मैच की तरह देखा जा रहा है। खासतौर पर दिल्ली के लिए… इस बार एक नहीं… दो नहीं.. बल्कि तीन पार्टियां आमने-सामने होगी। बीजेपी-कांग्रेस और आप पार्टी के इस त्रिकोणिय मैच में राजनीति के खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति बनानी भी …

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अब बोलो आसाराम, ताली कितने हाथ से बजी ?

क्या कहा..? नाम है आसाराम ! अरे आसाराम कम से कम“राम” के नाम का ही मान रख लेते ! दिल्ली गैंगरेप के बाद तो बड़ा ज्ञान बांट रहे थे ! उस वक्त तो दरिंदों के बीच फंसी पीडिता को तो दरिंदों को अपना धर्म भाई बनाने की गुहार करने तक की सलाह दे डाली थी..! उल्टा उसे ही दोषी …

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ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यों..?

उत्तराखंड में कुदरत के इस कहर से हर कोई हैरान है…शासन-प्रशासन बेबस है…हर किसी के जुबान पर यही सवाल है कि आखिर ये तबाही क्यों..? तबाही का ये मंजर दर्दनाक और दिल को दहला देने वाला जरुर है लेकिन आज नहीं तो कल ये होना ही था..! कुदरत अपना हिसाब …

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दोस्त दोस्त न रहा, गठबंधन गठबंधन न रहा

17 साल तक मजबूती से बंधी भाजपा और जद यू बंधन की गांठ आखिर खुल ही गयी। दोनों के रास्ते भले ही अलग अलग हो गए हों लेकिन दोनों की मंजिल एक ही है…किसी भी तरह से सत्ता को हासिल करना..! 17 साल पहले भी जब ये गांठ बंधी थी तब …

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बधाई…हो रहा भारत निर्माण..!

टीवी पर आजकल यूपीए सरकार की उपलब्धियों से भरा हुआ एक विज्ञापन खूब नजर आ रहा है। विज्ञापन का शीर्षक है “हो रहा भारत निर्माण”। शुरु में तो ये विज्ञापन एनडीए सरकार के इंडिया शाइनिंग नारे की याद दिला रहा था और लगने लगा था कि ये इंडिया शाइनिंग पार्ट …

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सिर्फ तारीख बदली…तस्वीर नहीं…!

तारीख बदल गयी…मौसम भी बदल गया लेकिन नहीं बदले तो हालात…नहीं बदली तो लोगों की सोच और नहीं बदली दिल्ली की तस्वीर…नहीं बदली देश की तस्वीर..! 16 दिसंबर 2012 की वो तारीख आज भी नहीं भूलती…! उस दिन को याद करते हुए आंखें आज भी डबडबा जाती हैं…शब्द आसूंओं में …

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आईपीएल- बाप बड़ा न भैया…सबसे बड़ा रूपैया..!

एक कहावत है- “बाप बड़ा न भैया…सबसे बड़ा रुपैया”। सुनी तो आपने भी होगी और आज के समय में जब हर कोई पैसे के पीछे भाग रहा है तो ये कहावत कई मौकों पर चरितार्थ भी होती दिखाई देती है। आईपीएल में तो ये कहावत खूब चरितार्थ हो रही है। …

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1984 दंगे- इंसाफ अभी बाकी है..!

29 साल का वक्त छोटा नहीं होता। 29 साल में लोगों की जिंदगियां बदल जाती है। 29 साल में एक बच्चा व्यसक हो जाता है। वो स्कूल से निकलकर अपने रोजगार में जुट जाता है तो अपनी जीवन संगिनी के साथ एक नये जीवन की शुरुआत कर लेता है। उसकी जिम्मेदारियां …

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केजरीवाल- छलावा या आम आदमी का संघर्ष..?

राजनीति के दलदल में उतरकर जनता के लिए सत्ता का रास्ता तैयार करने की बात करने वाले आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है और बकौल आम आदमी पार्टी उन्हें जनता का भरपूर साथ मिल रहा है लेकिन ये साथ वास्तव …

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