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वैदिक ज्ञान

Sanatana Dharma or Hinduism । सनातन धर्म के ग्रंथ और संस्कृति के बारें में जानें

Sanatana Dharma or Hinduism : सनातन धर्म यानि कि हिन्दू धर्म विश्व का सबसे प्रचीन धर्म है। धर्म में खास बात यह है कि यह धर्म पुर्णत: वैज्ञानिक है, हमारे प्रचीन-मुनियों ने गहन शोध किये और कई ग्रंथ लिखे। माना जाता है कि वेद हिन्दू धर्म के मूल ग्रंथ हैं। इसके अलावा हिन्दू धर्म में पुराण , मनुस्मृति, उपनिषद और …

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king bharat successor । हमारे देश का नाम भारत कैसे पड़ा जानें

king bharat successor : हमारा भारत बहुत ही विशाल देश है , करोड़ो लोगों की जननी भारत अत्यंत सुंदर है। भगवान ने स्वंय यह कहा है कि वह हर अवतार भारत भूमि पर ही लेगें। प्रचीनकाल में हमारे देश का नाम आर्यवर्त था। हमारे देश का नाम भारत होने की एक कथा हमें महाभारत में मिलती है, तो आईये जानते हैं उस …

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Lesser known facts about Parashurama । परशुराम ने क्यों किया था क्षत्रियों का विनाश जानें

Lesser known facts about Parashurama : भगवान परशुराम विष्णु भगवान के ही अवतार हैं। इनको भगवान विष्णु का छठवां अवतार माना जाता हैं। परशुराम त्रेता युग में हुए हैं और माना जाता है कि वह आज भी जीवित हैं। परशुराम के बारे में यह भी कहा जाता है कि वह कलियुग में तभी समाने आयेगें जब भगवान विष्णु कलियुग में …

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Understanding Sanatana Dharma । सनातन धर्म के अनुसार भिन्न-भिन्न प्राणियों के बारे में जानें

Understanding Sanatana Dharma : सनातन धर्म यानि की हिन्दू धर्म सभी जानते हैं, कि वैज्ञानिकता से ओत-प्रोत है। बहुत से ग्रंथों और दर्शनों से भरा हुआ हमारा धर्म बहुत ही विशाल है। भिन्न भिन्न प्राणियों के शरीर जैसा की वैशेषिक दर्शन में लिखा है | दो प्रकार के होते हैं | 1. योनिज़ – जो माता पिता के संग से …

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What is form of Sagun aur Nirgun । जानें सगुण-निरगुण की सृष्टि क्या है

What is form of Sagun aur Nirgun : जब से यह सृष्टि बनी है और उस के पश्चात जब जीव उत्पन्न हुआ उसके मन में हमेशा ही यह प्रश्न गूँजते रहे की मैं कौन हूँ? यह प्रकृति क्या है और उसको बनाने वाला पुरूष कौन है। अर्थात् उन ज्ञानी पुरूषों के हृदय में जिन्होंने कि सम्पूर्णता को प्राप्त नहीं किया …

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Shiv Ki Aghor Sadhana Kaise Karein । शिव की अघोर साधना कैसे करे ?

Shiv Ki Aghor Sadhana Kaise Karein : शिव की अघोर साधना : क्यों की वह मन की सीमा के पार है, तभी तो वह संत है. संत का अर्थ है परम संतुलन. और संतुलित सदा अतिक्रमण कर जाता है. संत को पहचानने की दृष्टि तुममे अभी नही आ सकती, यदि यहि दृष्टि आ जाए तो तुम्ही संत हो जाओ. फिर तुम्हे …

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सोलह सिद्धिया Siddhi

सोलह सिद्धिया Siddhi 1. वाक् सिद्धि : जो भी वचन बोले जाए वे व्यवहार में पूर्ण हो, वह वचन कभी व्यर्थ न जाये, प्रत्येक शब्द का महत्वपूर्ण अर्थ हो, वाक् सिद्धि युक्त व्यक्ति में श्राप अरु वरदान देने की क्षमता होती हैं! 2. दिव्य दृष्टि: दिव्यदृष्टि का तात्पर्य हैं कि जिस व्यक्ति के सम्बन्ध में भी चिन्तन किया जाये, उसका भूत, …

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Importance of Svaha स्वाहा का अर्थ

Importance of Svaha स्वाहा का अर्थ स्व माने मुँह खोलना हा माने बन्द करना जिस देव के नाम का मँत्र उच्चारण किया जावे, भोग उसी देव को लगता … स्व का तात्पर्य “अपना” आहा का तात्पर्य “आनंद लो” स्वाहा का महत्व हममें से ज्यादातर नहीं जानते हैं। ऋग्वैदिक आर्यों ने यज्ञीय परंपरा के दौरान देवताओं तक हविष्य पहुंचाने के लिए …

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गाय और कृष्ण अवतार बंदर और राम अवतार

आप जरा विचार कीजिये श्री कृष्ण बिना विचारे कोई काम नहीं करते हैँ। इतना योजनावद्ध तरीके से कोई जीवन जीने वाला अवतार नहीं हुआ, तो ऐसा क्यों हुआ होगा ? कि उन्होंने अपने आपको गौऊ से जोड़ा होगा। चलिये इस पर थोडा सा चिंतन करिये और संकल्प लीजिये, जहाँ तक बने गौ सेवा जरूर करेंगे। ये छोटी घटना नहीं हैँ …

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Parmatma Ki Prapti परमात्मा की प्राप्ति होने का क्या अर्थ है?

सामवेद के छान्दोग्य उपनिषद् पर विचार करते हुए भगवान् शंकराचार्य हमें बतातें हैं कि परमात्मा की प्राप्ति का तात्पर्य है जीवन में ३ बातें घटित हो जाना – १. विदेह भाव की प्राप्ति – अर्थात् अपने शरीर से भी ऊपर उठ जाना, यानी अपने शरीर तक में अहंता (मैंपन) और ममता (मेरापन) समाप्त हो जाना। नित्यपरिवर्तनशील पाञ्चभौतिक शरीर कुछ काल …

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