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सिख धर्म

Bhagat Dhanna Jee । भक्त धन्ना जी के बारें में जानें

Bhagat Dhanna Jee: भगतधन्ना जी का जन्म 20 अप्रैल, 1473 में राजस्थान के मालवा क्षेत्र के जिला टांक कह तहसील देओल के गांव धुयान में हुआ। गांव धुयान अजमेर-शरीफ खवाज़ा मेहनूदीन चिश्ती दरगाह तारागढ़ से दो सौ किलोमीटर दूर पिता माही के घर भगत धन्ना का जन्म हुआ। वह बचपन में पशु चराते और युवावस्था में खेती का काम करते …

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सिख पंथ के दस गुरु साहिबान

सिख धर्म का भारतीय धर्मों में अपना एक पवित्र स्थान है। ‘सिख’ शब्द की उत्पत्ति ‘शिष्य’ से हई है, जिसका अर्थ गुरुनानक के शिष्य से अर्थात् उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करने वालों से है। गुरुनानक देव जी सिख धर्म के पहले गुरु और प्रवर्तक हैं। सिख धर्म में नानक जी के बाद नौ गुरु और हुए। सिख धर्म दुनिया का …

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सिख धर्म की शिक्षा

मनि साचा मुखि साचा सोइ। अवर न पेखै ऐकस नि कोइ। नानक इह लक्षण ब्रह्म गिआनी होइ। हिन्दी में भावार्थ-जिस मनुष्य के मन और मुख का निवास होता है वह परमात्मा के अलावा कुछ नहीं देखता और किसी अन्य के सामने माथा नहीं टेकता। थापिआ न जाइ कीता न होई, आपे आपि निरंजन सोइ। हिन्दी में भावार्थ-परमात्मा न तो कहीं …

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Five Sikh Symbols – सिख धर्म के पांच चिन्ह

सिख शब्द का शाब्दिक अर्थ शिष्य है। श्री गुरु नानक देव जी से लेकर श्री गुरु गोबिंद सिंघ जी महाराज तक १० गुरु हुये। उनके बाद गुरुगद्दी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सौंप दी गई थी। दस गुरुओं तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के हुक्म के अनुसार जीवन यापन करने वाला व्यक्ति सिख कहलाता है। इस समय सिख …

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Sikhism History – सिख धर्म का इतिहास

सिक्ख धर्म का भारतीय धर्मों में अपना एक पवित्र एवं अनुपम स्थान है। सिक्खों के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव सिक्ख धर्म के प्रवर्तक हैं। ‘सिक्ख धर्म’ की स्थापना 15वीं शताब्दी में भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग के पंजाब में गुरु नानक देव द्वारा की गई थी। ‘सिक्ख’ शब्द ‘शिष्य’ से उत्पन्न हुआ है, जिसका तात्पर्य है- “गुरु नानक के शिष्य”, …

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